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क्या होता है सॉफ्ट सिग्नल, जिस पर मचा इतना बवाल, जानें नियम और सब कुछ

Fri, 19 Mar 2021 03:47 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत बनाम इंग्लैंड - फोटो : twitter
भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज का चौथा मुकाबला अहमदाबाद में खेला गया। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत ने इंग्लैंड को 8 रनों से शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही भारत ने टी-20 सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली। भारतीय पारी का आकर्षण सूर्यकुमार यादव रहे। उन्होंने मैच में धुआंधार बल्लेबाजी करते हुए 31 गेंदों पर 57 रन बनाए। भारत ने इस मुकाबले में भले ही जीत दर्ज की लेकिन ये मैच कई सवाल छोड़ गया। तीसरे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने जिस तरह से सूर्यकुमार यादव को सॉफ्ट सिग्नल के तहत आउट दिया उनका फैसला क्रिकेट विश्लेषकों के गले नहीं उतर रहा है। 
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सूर्यकुमार यादव - फोटो : social media
क्यों हुआ विवाद
दरअसल भारतीय पारी का 14वां ओवर इंग्लैंड के सैम करन फेंक रहे थे। उस समय उनके सामने सूर्यकुमार यादव थे। सैम करन की एक गेंद पर सूर्यकुमार ने स्कूप शॉट खेला जो डीप फाइन लेग पर खड़े डेविड मलान के पास गई। मलान ने कैच को लपक लिया। डेविड मलान ने कैच की अपील की। हालांकि मलान ने ये कैच सफाई से नहीं पकड़ा था। कैच सफाई से लिया गया है या नहीं इसकी जांच करने के लिए मैदानी अंपायर ने तीसरे अंपायर से मदद मांगी। नियमों के मुताबिक मैदानी अंपायर को अपना निर्यण भी देना होता है। फील्ड अंपायर ने सूर्यकुमार यादव को आउट दिया था। इस मैच में तीसरे अंपायर की भूमिका में वीरेंद्र शर्मा थे।
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मलान का विवादित कैच - फोटो : स्क्रीनशॉट @BCCI
वीरेंद्र शर्मा ने उस वीडियो को कई बार देखा। रीप्ले देखने पर पता चला कि डेविड मलान ने जब कैच लपका तो गेंद जमीन छू रही थी। इसके बावजूद अंपायर को सफाई से कैच लिए जाने का कोई सबूत नहीं मिला। तीसरे अंपायर ने मैदानी अंपायर के निर्णय को बरकरार रखते हुए सूर्यकुमार यादव को आउट करार दिया। 
 

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वो कैच जिन पर विवाद खड़ा हुआ - फोटो : स्क्रीनशॉट @BCCI
जानें क्या होता है सॉफ्ट सिग्नल
मैच के दौरान जब कोई क्षेत्ररक्षक ऐसा नजदीकी कैच पकड़ता है जिसमें ये साफ न हो कि उसने कैच सफाई से लिया है या नहीं। ऐसे में मैदानी अंपायर उस कैच के बारे में तीसरे अंपायर से जांच करने को कहता है। हालांकि तीसरे अंपायर से पहले मैदानी अंपायर को मैदान पर मौजूद अपने साथी अंपायर से बातचीत करके फैसला देना होता है। क्रिकेट की भाषा में इसे ही सॉफ्ट सिंग्नल कहा जाता है। इसके बाद तीसरा अंपायर मॉनिटर पर उसे कई एंगल से देखता है। इस दौरान उसे अगर आउट देने का प्रर्याप्त सबूत मिलता है तो वह बल्लेबाज को आउट करार देता है। लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि टीवी अंपायर को प्रर्याप्त सबूत नहीं मिलते हैं। ऐसी स्थिति में तीसरा अंपायर मैदानी अंपायर के फैसले को मान लेता है। 
 
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मलान का विवादित कैच - फोटो : ट्विटर
सूर्यकुमार यादव के मामले में भी यही हुआ। डेविड मलान ने उनका कैच सफाई से पकड़ा था या नहीं, स्थिति साफ नहीं थी। इसलिए मैदानी अंपायर ने तीसरे अंपायर से मदद मांगी। मैदानी अंपायर ने अपने साथी अंपायर से बात की और सॉफ्ट सिग्नल के तहत सूर्यकुमार को आउट दिया। इसके बाद तीसरे अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने उस कैच को कई एंगल से देखा। लेकिन उन्हें प्रर्याप्त सबूत नहीं मिले। अंपायर वीरेंद्र शर्मा ने मैदानी अंपायर के निर्णय को बरकरार रखते हुए सूर्यकुमार यादव को आउट करार दिया। 
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