इंग्लैंड के खिलाफ ईडन गार्डन में खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट मैच से पहले ही पिच को लेकर बवाल शुरू हो गया, जब धोनी ने टर्निंग पिच की मांग कर डाली। प्रबीर मुखर्जी 1985 से ईडन गार्डन के लिए पिच बना रहे हैं। धोनी की इस मांग के बाद बीसीसीआई ने बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) से बुधवार को कहा था कि वह अनुभवी प्रबीर मुखर्जी की जगह पूर्व क्षेत्र के क्यूरेटर आशीष भौमिक को ईडन गार्डन का विकेट तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपे। मुखर्जी दशकों से ऐतिहासिक ईडन गार्डन के क्यूरेटर रहे हैं।
टर्निग पिच चाहते हैं धोनी
धोनी ने पांच दिसंबर से कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट के दौरान ऐसे विकेट की मांग की थी, जिससे स्पिनरों को पहले दिन से मदद मिले। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के निर्देश के बाद त्रिपुरा क्रिकेट संघ से जुड़े भौमिक कोलकाता पहुंचे। टीसीए के सचिव अरिंदम गांगुली ने कहा कि बीसीसीआई के निर्देशों के अनुसार वे (भौमिक) कोलकाता गए हैं। लेकिन मुझे कोई जानकारी नहीं है कि उन्होंने वहां स्थानीय क्यूरेटर (प्रबीर मुखर्जी) की जगह ली है। मेरे पास विस्तृत जानकारी नहीं है।
सीएबी सचिव ने किया इनकार
कैब के संयुक्त सचिव सुजान मुखर्जी ने हालांकि भौमिक की यात्रा को नियमित निरीक्षण दौरा करार दिया और कहा कि 83 वर्षीय मुखर्जी को बदला नहीं गया है। सुजान ने कहा कि यह पिच और हालात का आंकलन करने की नियमित यात्रा है, जो मैच से पहले हमेशा होता है। प्रबीर मुखर्जी ही ईडन के क्यूरेटर हैं। इससे पहले रविवार को बीसीसीआई की मैदान और पिच समिति के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने भी ईडन का दौरा किया था।
पिच समिति ने लिया है फैसला
भौमिक को कोलकाता भेजने का फैसला बोर्ड की मैदान और पिच समिति ने लिया है। सभी क्यूरेटर स्वतंत्र रूप से काम करते हैं। यह बिलकुल गलत ह कि धोनी की इसमें भूमिका है। कोई भी फैसला किसी की सलाह पर नहीं लिया जाता।
- राजीव शुक्ला