आसाराम बापू शनिवार को अपने आश्रम में दो बच्चों की मौत मामले में जांच आयोग के सामने पेश हुए। उन्होंने काले जादू की वजह से बच्चों की मौत होने के आरोप को गलत बताया।
जस्टिस डीके त्रिवेदी आयोग के सामने पेश हुए आसाराम ने कहा कि यह आश्रम और हिंदू धर्म के खिलाफ सोची समझी साजिश है। इसके पीछे विदेशी ताकतों का हाथ जान पड़ता है। आयोग ने पहले भी कई बार आसाराम बापू को पेश होने के लिए समन जारी किए थे लेकिन वह पेश नहीं हुए थे।
आरोप है कि दो छात्रों दीपेश वाघेला और अभिषेक वघेला की मौत उन पर काला जादू करने की वजह से हुई है। आसाराम ने कहा कि लैब की रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि बच्चों पर कोई काला जादू नहीं किया गया था। मेरे और आश्रम के खिलाफ लगाए गए आरोप गलत और आधारहीन हैं।
यह मेरी और आश्रम की छवि खराब करने की साजिश है। हालांकि आसाराम ने आयोग के सामने दोनों बच्चों की मौत के पीछे किसी साजिश की बात से इनकार नहीं किया। नौ घंटे की पूछताछ के दौरान आसाराम ने बच्चों की मौत को दुखद हादसा बताया। उन्होंने कहा कि 18 जुलाई को आश्रम में एक बैठक बुलाई गई थी।
पंकज सक्सेना ने बताया था कि एक व्यक्ति ने आकर दो बच्चों को अगवा करने की कोशिश की थी। आयोग द्वारा उक्त व्यक्ति का नाम पूछे जाने पर कथावाचक ने कहा कि वह व्यक्ति का नाम लेकर उसे बदनाम नहीं करना चाहते हैं।
हालांकि आयोग के जोर देने पर उन्होंने व्यक्ति का नाम गोसाई बताया। दो बच्चों की संदिग्ध मौत की जांच के लिए 2008 में जस्टिस डीके त्रिवेदी आयोग का गठन किया गया था।