जब उनके बाल थोड़ा सफेद होने लगे तो उन्होंने इसमें थोड़ा बदलाव किया और उनकी बल्लेबाजी अधिक नियंत्रित हो गई। जिसने भी मैदान पर धोनी को देखा होगा वह जानता था कि वह नियंत्रण में और शांतचित रहता है और कभी नियंत्रण से बाहर नहीं जाता। ’भारत को टी-20 विश्व कप, वन-डे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाने वाले कप्तान धोनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में गिना जाता रहा है। होल्डिंग ने कहा, ‘वह क्या शानदार कप्तान था। वह कितना सफल रहा। जब वह कप्तानी कर रहा होता था तो आपने कभी उन्हें उत्तेजित होते हुए नहीं देखा होगा। ’
उन्होंने कहा, ‘अगर चीजें नियंत्रण से बाहर जा रही हों तो वह अपने खिलाड़ियों को बुलाते थे। उनसे शांतचित होकर बात करते थे और चीजें खुद ही बदल जाती थी। उनका इस तरह का प्रभाव था। ’ धोनी ने अपने करियर में 90 टेस्ट मैचों में 4,876 रन बनाए तथा 256 कैच लेने के अलावा 38 स्टंप किए। उन्होंने 321 वन-डे में 10,773 रन बनाने के अलावा 321 कैच लिए और 123 स्टंप किए। उन्होंने 98 टी-20 मैच खेले जिसमें 1617 रन बनाए, 57 कैच लिए और 34 स्टंप किए।
उन्होंने टेस्ट मैचों में छह शतक और वन-डे में 10 शतक लगाए। होल्डिंग ने कहा कि यह सराहनीय है कि धोनी ने अपने करियर में लगभग 5000 टेस्ट रन बनाए और विकेटकीपर की अपनी भूमिका के साथ हमेशा न्याय किया। उन्होंने कहा, ‘उनका करियर क्या शानदार था। इस खिलाड़ी ने लगभग 5000 टेस्ट रन बनाए, जबकि वह विशुद्ध बल्लेबाज नहीं था, वह विकेटकीपर था। इतने लंबे करियर में विकेटकीपर रहते हुए इतनी अच्छी भूमिका निभाना सराहनीय है। ’