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'धोनी लीक से हटकर, सामने आने वाली हर बाधा को पार करने में माहिर थे'

Sun, 23 Aug 2020 12:16 PM IST
Rohit Ojha स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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एमएस धोनी - फोटो : social media
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वेस्टइंडीज के अपने जमाने के दिग्गज तेज गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने हाल में संन्यास लेने महेंद्र सिंह धोनी को ‘लीक से हटकर’ खिलाड़ी करार दिया है। जिन्होंने अपने करियर के शुरू से ही विरोधी टीमों को तहस नहस करने में कसर नहीं छोड़ी और फिर हमेशा खुद के खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। कप्तान के तौर पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की सभी ट्राफियां जीतने वाले धोनी ने 15 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने अपना आखिरी मैच एक साल से भी अधिक समय पहले विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।

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होल्डिंग में दुनिया भर के अन्य क्रिकेटरों की तरह धोनी की जमकर प्रशंसा की। होल्डिंग ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘धोनी ने जब पहली बार भारत की तरफ से वन-डे खेलना शुरू किया तो उनके लंबे बाल हुआ करते थे। वह लीक से हटकर नजर आते थे। वह ऐसे नजर आते हैं जैसे वह अपने सामने आने वाली हर चीज को तहस नहस करने के लिए आए हैं और उन्होंने काफी हद तक ऐसा किया।’ धोनी ने अपने करियर में कई तरह की हेयरस्टायल अपनाई, लेकिन अपने करियर के शुरुआती चरण में वह लंबे बाल रखा करते थे जिनको लेकर काफी चर्चा हुई थी। उन्होंने भारत की तरफ से 2004 में पदार्पण किया था।

 होल्डिंग ने उनकी लंबे शॉट लगाने की क्षमता की तारीफ करते हुए कहा, ‘अपने पूरे करियर के दौरान उन्होंने 229 छक्के (वनडे- में) लगाए। जब आप इस संख्या के बारे में सोचते हो तो आप यह भी सोचते हों कि उसने इतने छक्के और चौके लगाने के लिए 40 साल तक क्रिकेट खेली होगी। मगर यही उनका स्वभाव है।' उन्होंने कहा, ‘जब धोनी ने शुरुआत की थी तो वह बिग हिटर थे और इसलिए उन्होंने इतने अधिक चौके और छक्के लगाए।

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वह क्या शानदार कप्तान था

माइकल होल्डिंग - फोटो : social media
जब उनके बाल थोड़ा सफेद होने लगे तो उन्होंने इसमें थोड़ा बदलाव किया और उनकी बल्लेबाजी अधिक नियंत्रित हो गई। जिसने भी मैदान पर धोनी को देखा होगा वह जानता था कि वह नियंत्रण में और शांतचित रहता है और कभी नियंत्रण से बाहर नहीं जाता। ’भारत को टी-20 विश्व कप, वन-डे विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाने वाले कप्तान धोनी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में गिना जाता रहा है। होल्डिंग ने कहा, ‘वह क्या शानदार कप्तान था। वह कितना सफल रहा। जब वह कप्तानी कर रहा होता था तो आपने कभी उन्हें उत्तेजित होते हुए नहीं देखा होगा। ’

उन्होंने कहा, ‘अगर चीजें नियंत्रण से बाहर जा रही हों तो वह अपने खिलाड़ियों को बुलाते थे। उनसे शांतचित होकर बात करते थे और चीजें खुद ही बदल जाती थी। उनका इस तरह का प्रभाव था। ’ धोनी ने अपने करियर में 90 टेस्ट मैचों में 4,876 रन बनाए तथा 256 कैच लेने के अलावा 38 स्टंप किए। उन्होंने 321 वन-डे में 10,773 रन बनाने के अलावा 321 कैच लिए और 123 स्टंप किए।  उन्होंने 98 टी-20 मैच खेले जिसमें 1617 रन बनाए, 57 कैच लिए और 34 स्टंप किए।

उन्होंने टेस्ट मैचों में छह शतक और वन-डे में 10 शतक लगाए। होल्डिंग ने कहा कि यह सराहनीय है कि धोनी ने अपने करियर में लगभग 5000 टेस्ट रन बनाए और विकेटकीपर की अपनी भूमिका के साथ हमेशा न्याय किया। उन्होंने कहा, ‘उनका करियर क्या शानदार था। इस खिलाड़ी ने लगभग 5000 टेस्ट रन बनाए, जबकि वह विशुद्ध बल्लेबाज नहीं था, वह विकेटकीपर था। इतने लंबे करियर में विकेटकीपर रहते हुए इतनी अच्छी भूमिका निभाना सराहनीय है। ’
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