शुरुआत इतनी खराब कि अब तक का सबसे घटिया शुरुआत का रिकॉर्ड बन जाए, फिर अचानक कुछ ऐसा हो कि टीम मैच जीत ले जाए। ऐसा ही कुछ हुआ है वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका के बीच मुकाबले के दौरान।
वेस्टइंडीज में खेली जा रही त्रिकोणीय वनडे सीरीज के फाइनल में पहुंचने के लिए दोनों ही टीमों को जीत चाहिए था, लेकिन बाजी मेजबान विंडीज टीम के हाथ लगी और 100 रनों से अप्रत्याशित जीत के साथ फाइनल में पहुंच गई, जहां रविवार को उसका मुकाबला 5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से होगा।
वनडे इतिहास में कैरेबियाई टीम के साथ ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी एक समान स्कोर पर शीर्ष क्रम के पहले 3 विकेट गिर गए। पहले बल्लेबाजी का न्योता मिलने के बाद मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और उसके दूसरे-तीसरे ओवर में 6 गेंदों के अंदर 3 विकेट गिर गए और वह भी 12 रन के स्कोर पर। एक ही स्कोर पर 3 विकेट गंवाने से विंडीज टीम संकट में पड़ गई थी।
गेब्रिएल की स्पीड के आगे उड़ गए अफ्रीकी बल्लेबाज
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फाइनल में पहुंचने के लिए वेस्टइंडीज को यह मैच हर हार में जीतना था, शीर्ष क्रम के 4 में से 3 विकेट रिकॉर्ड एक ही स्कोर पर गिर गए, लेकिन इसी में से जो एक बल्लेबाज बचा रहा उसने संघर्षपूर्ण पारी खेली और शतक ठोंक दिया। डेरेन ब्रॉवो ने वनडे करियर की तीसरी शतकीय पारी खेलते हुए संघर्ष किया और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया। ब्रॉवो के 103 गेंदों में 102 रन, कीरोन पोलार्ड (62) और कप्तान जेसन होल्डर (40) की पारियों की बदौलत टीम 49.5 ओवर में 285 रन बनाकर आउट हो गई।
2001 के बाद से पहली बार वेस्टइंडीज टीम के शीर्ष में 5 में से 4 विकेट 5 ओवर के अंदर गिर गए थे। ब्रॉवो ने मध्य क्रम के बल्लेबाजों के साथ टीम को संभाल लिया। ब्रॉवो ने पोलार्ड के साथ पांचवें विकेट के लिए 156 रनों की साझेदारी भी की।
जवाब में विंडीज गेंदबाजों ने अनुभव से भरी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया और पूरी टीम को 46 ओवर में महज 185 रनों पर यानी पूरे 100 रन पहले ही समेट दिया। अफ्रीकी टीम की ओर से फरहान बेहरदीन ने 35 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली। कप्तान एबी डीविलियर्स (2), हाशिम अमला (16), क्विंटन डी कॉक (6) और जेपी डुमिनी (5) जैसे बड़े सितारे फ्लॉप हो गए।
150 किमी की गति से गेंज डालने वाले शेनन गेब्रिएल ने सुनील नारायन के साथ मिलकर 3-3 जबकि चार्ल्स ब्रेथवेट ने 2 विकेट झटके।