वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाज जॉन कैंपबेल भारत के खिलाफ दिल्ली में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में अपनी शतकीय पारी से गदगद हो गए। कैंपबेल की पारी की मदद से ही वेस्टइंडीज इस मैच में बढ़त हासिल करने में सफल रहा। भारत भले ही इस मैच को जीतने के कगार पर है, लेकिन कैंपबेल ने शानदार पारी खेलकर यह सुनिश्चित किया कि टेस्ट मैच का नतीजा चौथे दिन नहीं निकल सके।
भारत जीत के करीब
वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 390 रन बनाए और भारत को 121 रनों का लक्ष्य दिया। स्टंप्स के समय भारत 2-0 की क्लीन स्वीप से 58 रन दूर था। भारत ने वेस्टइंडीज को फॉलोऑन दिया था। दूसरी पारी में कैंपबेल ने 199 गेंदों पर 155 रन की पारी खेली और शाई होप (103 रन) के साथ तीसरे विकेट के लिए 177 रन की साझेदारी की जिससे वेस्टइंडीज शानदार वापसी करते हुए मैच को पांचवें दिन तक खिंचने में सफल रहा। कैंपबेल अपना पहला टेस्ट शतक लगाने के बाद भावुक हो गए और कहा कि समझदारी से शॉट चयन करना उनके लिए कारगर रहा।
वेस्टइंडीज के लिए 23 साल बाद किसी बल्लेबाज ने भारत में जड़ा टेस्ट शतक
कैंपबेल इस तरह 23 साल बाद भारत में टेस्ट शतक बनाने वाले वेस्टइंडीज के पहले सलामी बल्लेबाज बन गए। उनसे पहले वेवेल हाइंड्स ने 2002 में ईडन गार्डन्स में शतक बनाया था कैंपबेल ने कहा, इस पारी में मेरा शॉट चयन काफी सधा हुआ था। मुझे स्वीप शॉट खेलने में हमेशा से मजा आता है। शुक्र है, यह मेरे लिए कारगर रहा।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने रवींद्र जडेजा की गेंद पर लांग ऑन पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने छक्का लगाकर शतक पूरा करने के बारे में पूछ जाने पर कहा, इस गेंद से पहले मैंने देखा कि जडेजा मिड-ऑन के क्षेत्ररक्षक को करीब बुला रहे है। ऐसे में मैंने क्षेत्ररक्षक के ऊपर से शॉट खेलने का मन बनाया। मैं दूसरी पारी में टीम के लिए योगदान देखकर खुश हूं।