भारतीय टीम के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने पहली पारी में पांच विकेट लिएष जबकि दूसरी पारी में तीन विकेट चटकने में सफल रहे। अब वाशिंगटन सुंदर ने बताया है कि किस तहरह कुलदीप को इस मैच में सफलता मिली। भारत इस टेस्ट मैच को जीतने के करीब है और उसे पांचवें दिन 58 रन और बनाने हैं।
वेस्टइंडीज की दूसरी पारी समेटने के लिए बहाना पड़ा पसीना
भारतीय गेंदबाजों को दूसरे और अंतिम टेस्ट में वेस्टइंडीज को दूसरी पारी में आउट करने के लिए 118.5 ओवरों की जरूरत पड़ी क्योंकि अरुण जेटली स्टेडियम की पिच बल्लेबाजी के लिए आसान थी। कुलदीप ने गेंदबाजों के लिए मुश्किल पिच पर दोनों पारियों को मिलाकर 55.5 ओवर में 186 रन देकर आठ विकेट लिए, जबकि उनकी, वाशिंगटन और रवींद्र जडेजा की स्पिनरों की तिकड़ी ने इस मैच में कुल 13 विकेट चटकाए।
वाशिंगटन ने की कुलदीप की सराहना
कुलदीप की तारीफ करते हुए वाशिंगटन ने कहा कि कलाई का स्पिनर होने के कारण उन्हें पिच से दूसरे गेंदबाजों के मुकाबले ज्यादा मदद मिली। वाशिंगटन ने चौथे दिन के खेल के बाद कहा, मुझे लगता है कि कुलदीप ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की। कलाई के स्पिनर होने के नाते, उन्हें इससे निश्चित रूप से पिच से अधिक मदद मिली। दूसरे गेंदबाजों ने भी अच्छी गेंदबाजी की। तेज गेंदबाजों को भी कड़ी मेहनत करनी पड़ी। इस पिच पर 20 विकेट चटकाना एक बड़ी उपलब्धि है।
पिच के रवैसे से हैरान नहीं हैं वाशिंगटन
सुंदर ने कहा कि कोटला की पिच के इस रवैये से उन्हें कोई हैरानी नहीं हुई क्योंकि यहां वर्षों से ऐसा ही होता आया है। उन्होंने कहा, मैं कहूंगा कि यह दिल्ली की पारंपरिक विकेट जैसी ही है, जहां ज्यादा उछाल नहीं है और जाहिर है, इस मैच में भी स्पिनरों को ज्यादा टर्न नहीं मिली। अलग-अलग मैदानों पर परिस्थितियां काफी अलग होती है और यही इस प्रारूप की खास खूबसूरती है।
वेस्टइंडीज को फालोऑन दिए जाने के कारण भारतीय गेंदबाजों को लगभग 200 ओवर लगातार गेंदबाजी करनी पड़ी। वाशिंगटन ने कहा कि इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इस तरह की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, इंग्लैंड सीरीज में हमें इसका अनुभव मिल गया था। हमें पता था कि मैदान पर 180 से 200 ओवर तक क्षेत्ररक्षण करते हुए कैसे डटे रहना है । हमने इंग्लैंड में नियमित तौर पर ऐसा किया था।