श्रीलंका के बल्लेबाजी कोच अविष्का गुणावर्द्धने
श्रीलंकाई टीम आजकल अपने सबसे खराब दौर से गुजर रही है। जिबाब्वे के खिलाफ वनडे सीरीज में हार के बाद टेस्ट सीरीज में संघर्ष। इसके बाद श्रीलंका दौरे पर आई टीम इंडिया के हाथों टेस्ट सीरीज में 3-0 से सूपड़ा साफ होने के बाद वनडे सीरीज में भी 5-0 से हार की स्थिति बन गई है। सीरीज में 2 मैच जीतने में नाकाम रहने के बाद श्रीलंका 2019 के विश्वकप में सीधे क्वालीफाई करने में असफल रही है जिसके कारण टीम का आत्मविश्वास कमजोर हो गया है।
ऐसे में श्रीलंका के बल्लेबाजी कोच अविष्का गुणावर्द्धने ने कहा कि टीम का आत्मविश्वास का स्तर काफी निम्न हो गया है। टीम को खेल के मानसिक पहलू पर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें तैयारियों के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। दो दिन पहले हमने पिछला मैच हारा है। बतौर प्रशिक्षक हमारा प्रयास टीम का मनोबल मजबूत करना होता है। हमने खिलाड़ियों को कुछ लक्ष्य दिए हैं। देखते हैं कि वे उनमें कितने कामयाब रहते हैं। श्रीलंका टीम विश्व कप के लिए सीधे प्रवेश के मौके से चूक गई है। उन्होंने कहा कि यह हमारे नियंत्रण में नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि टीम अंतिम मैच जीते।
गुणावर्द्धने ने कहा कि हमारे युवा खिलाड़ियों में प्रतिभा है। हमने उनसे अनुरोध किया है कि वो अपने खेल में जल्दी सुधार करें। उन्होंने आगे कहा, पिछले चार मैच में हमारे प्रारंभिक छह बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की लेकिन उसे वो बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे। ये छोटी-छोटी बातें जीत के लिए बहुत मायने रखती हैं। लेकिन ये खिलाड़ी युवा हैं और इन्हें जल्दी सीखने की जरूरत है।
डॉट बॉल को अपने लिए बड़ी चिंता बताते हुए उन्होंने कहा, हमारे लिए डॉट बॉल्स बड़ी चिंता का विषय हैं। पिछले 12 महीने में हमने प्रति मैच औसतन 145 डॉट बॉल खेली हैं। ये कुल गेंदों का तकरीबन 50 प्रतिशत है। इसके अलावा हमारा लक्ष्य है कि प्रारंभिक पांच बल्लेबाजों में से कोई एक कम से कम 45 ओवर तक बल्लेबाजी करे। बल्लेबाजी के दौरान बड़ी साझेदारियों के बारे में गुणावर्द्धने ने कहा, साझेदारियों के बारे में हमने खिलाड़ियों से बात-चीत की है। हमने उनसे एक शतकीय और एक 75 रन की साझेदारी करने के लिए कहा है। हम जिंबाब्वे के खिलाफ सीरीज में इन लक्ष्यों को हासिल करने में सफल हुए थे। यदि हम ऐसा करने में आगे सफल हुए तो अच्छे स्कोर बनाने में सफल हो सकते हैं।