अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने पकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे टेस्ट में जैक कैलिस को गलत आउट दिए जाने की बात स्वीकार की है। आईसीसी के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कैलिस को आउट दिया जाना डीआरएस रूलबुक के तहत 3.3(एफ) का उल्लंघन है।
बयान के मुताबिक अगर तीसरे अंपायर को लगे कि बल्लेबाज किसी दूसरे तरीके से आउट हो सकता है तो ऑन फील्ड अंपयार के फैसले को नॉट आउट समझ कर फैसला लिया जाना चाहिए। कैलिस के विकेट की बात करें तो गेंद का थोड़ा सा भाग ही स्टंप के हिस्से पर लग रहा था इस कारण वह अंपायर्स कॉल की कैटेगरी में जाता। जिसके आधार पर वह नॉट आउट करार दिए जाते।
कैसे आउट हुए थे कैलिस
कैपटाउन में हो रहे टेस्ट में जब दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी 102 रनों पर थी और जैक कैलिस क्रीज पर मौजूद थे। पाकिस्तान के ऑफ स्पिनर सईद अजमल के हाथों में गेंद थी।
अजमल की एक गेंद पर अंपयार स्टीव डेविस ने जैक कैलिस को अजहर अली के हाथों कैच आउट दे दिया। इससे पहले स्टीव डेविस के दो निर्णय यूडीआरएस प्रणाली से बदल दिए गए थे। पर इस बार जैक कैलिस ने अंपायर के निर्णय को चुनौती दी। वह आश्वस्त थे कि गेंद से उनके बल्ले का किनारा नहीं लगा है। रीप्ले में भी यही दिखाया गया कि बल्ले ने गेंद का किनारा नहीं लिया।
पर बैट पैड की इस अपील में रीप्ले ने यह भी दिखा दिया कि गेंद कैलिस के पैड से लगी और गेंद लेग स्टंप के किनारे को छू जाती। क्योंकि अंपायर ने कैलिस को आउट करार दिया था तो तकनीक के आधार पर अंपायर्स कॉल के तहत फैसला बदला नहीं गया और कैलिस को पवैलियन जाना पड़ा। पाकिस्तान को विकेट तो मिला पर टीम ने अपील कैच आउट की थी और कैलिस एलबीडब्ल्यू आउट करार दिए गए।
कैलिस भी रह गए हैरान
अपने विकेट को अजीबो गरीब तरीके से खोने के बाद आईसीसी की यूडीआरएस प्रणाली पर कैलिस ने भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक सही है पर 100 प्रतिशत नहीं।