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उत्तराखंड क्रिकेट संघ ने जाफर पर लगाए थे मजहबी पक्षपात के आरोप, पूर्व क्रिकेटर ने दिया जवाब

Wed, 10 Feb 2021 11:33 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
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Wasim Jaffer
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भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर ने अपने खिलाफ लगे सांप्रदायिकता के आरोपों को खारिज करते हुए निराशा जाहिर की है। उन्होंने उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव के इन आरोपों को खारिज किया कि उन्होंने टीम में मजहब के आधार पर चयन की कोशिश की। 

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भारत के लिए 31 टेस्ट खेल चुके जाफर ने कहा कि टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के उत्तराखंड क्रिकेट संघ के सचिव माहिम वर्मा के आरोपों से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची है। जाफर ने वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘जो कम्युनल एंगल लगाया, वह बहुत दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैं इकबाल अब्दुल्ला का समर्थन करता हूं और उसे कप्तान बनाना चाहता था जो सरासर गलत है।’

दरअसल जाफर ने चयन में दखल और चयनकर्ताओं तथा संघ के सचिव के पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर उत्तराखंड क्रिकेट टीम के कोच पद से मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था।
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दाएं हाथ के पूर्व क्रिकेटर ने कहा, ‘मैं जय बिस्टा को कप्तान बनाने वाला था लेकिन रिजवान शमशाद और अन्य चयनकर्ताओं ने मुझे सुझाव दिया कि इकबाल को कप्तान बनाएं। वह सीनियर खिलाड़ी है, आईपीएल खेल चुका है और उम्र में भी बड़ा है। मैने उनका सुझाव मान लिया।’

रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बना चुके जाफर ने इन आरोपों को भी खारिज किया कि टीम के अभ्यास सत्र में वह मौलवियों को लेकर आए थे। जाफर ने कहा, ‘उन्होंने कहा कि बायो बबल में मौलवी आए और हमने नमाज पढ़ी। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मौलवी, मौलाना जो भी देहरादून में शिविर के दौरान दो या तीन जुमे को आए, उन्हें मैने नहीं बुलाया था।’

जाफर ने कहा, ‘इकबाल अब्दुल्ला ने जुमे की नमाज के लिए मेरी और मैनेजर की अनुमति मांगी थी।’ उन्होंने कहा, ‘हम रोज कमरे में ही नमाज पढ़ते थे लेकिन जुमे की नमाज मिलकर पढ़ते थे तो लगा कि कोई इसके लिए आएगा तो अच्छा रहेगा। हमने नेट अभ्यास के बाद पांच मिनट ड्रेसिंग रूम में नमाज पढ़ी। यदि यह सांप्रदायिक है तो मैं नमाज के वक्त के हिसाब से अभ्यास का समय बदल सकता था लेकिन मैं ऐसा नहीं हूं। इसमें क्या बड़ी बात है। मेरी समझ में नहीं आया।’

गौरतलब है कि जाफर को जून 2020 में उत्तराखंड का कोच बनाया गया था। उन्होंने एक साल का करार किया था। उत्तराखंड की टीम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांच में से एक ही मैच जीत सकी।

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