भारत ने एंटीगुआ के सर विवियन रिचर्ड्स स्टेडियम में खेले गए फाइनल में इंग्लैंड को चार विकेट से हराकर रिकॉर्ड पांचवां आईसीसी अंडर-19 विश्व कप जीता। 190 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 47.4 ओवर में छह विकेट पर 195 रन बनाकर यह खिताब अपने नाम किया। राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण ने भारतीय टीम की सराहना करते हुए इसे एक विशेष जीत कहा। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे भारत की युवा टीम कोविड-19 जैसी चुनौतियों से लड़कर विश्व विजेता बनी है।
भारत की जीत पर बात करते हुए लक्ष्मण ने कहा, "सबसे पहले चयन समिति को बहुत-बहुत बधाई। यह एक नई चयन समिति थी और उनके लिए इन खिलाड़ियों की पहचान करना काफी चुनौतीपूर्ण था। उसके बाद, मुख्य कोच ऋषिकेश के साथ कोचिंग स्टाफ, साई राज, मुनीश और सभी सहयोगी स्टाफ, जिस तरह से उन्होंने इस समूह को एक साथ लाया, उन्होंने वास्तव में कड़ी मेहनत की और एशिया कप जीता। इस विश्व कप की तैयारी शानदार थी।"
कोरोना से उबरना बड़ा चुनौती
लक्ष्मण ने कोरोना से जीतने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा "लेकिन इस टूर्नामेंट के बीच में, हम सभी जानते हैं कि लड़कों के साथ क्या हुआ। खिलाड़ियों के कोरोना संक्रमित होने के बाद सभी ने जिस तरह का लचीलापन और सकारात्मक रवैया दिखाया वह शानदार था। मुझे लगता है कि बीसीसीआई को सराहना मिलनी चाहिए। जितने मैच और टूर्नामेंट प्रत्येक आयु वर्ग के स्तर पर होते हैं, चाहे अंडर-16, अंडर-19 या अंडर-23 हो, हर स्तर पर खिलाड़ियों को काफी मैच खेलने को मिल रहे हैं। दुर्भाग्य से कोविड के कारण उन्हें कोई टूर्नामेंट खेलने को नहीं मिला और इसलिए मुझे लगता है कि यह टूर्नामेंट जीत बहुत खास है।”
"यह जीत खास है लेकिन यह सिर्फ सीखने की प्रक्रिया है और उनकी यात्रा की शुरुआत है। इस टीम में हर कोई इसे समझता है। यह खिलाड़ियों और एक व्यक्ति के रूप में विकास से जुड़ा है और यह देखना बहुत अच्छा है कि वे पिछले दिनों कैसे विकसित और परिपक्व हुए हैं। यह एक क्रिकेटर के रूप में उनके सफर की शुरुआत है।"
निशांत सिंधु ने खेली कमाल की पारी
फाइनल मैच में निशांत सिंधु ने भारत के लिए शानदार बल्लेबाजी की। उन्होंने 54 गेंदों पर 50 रनों की नाबाद मैच जिताऊ पारी खेली। इस बीच, शेख रशीद ने भी 84 गेंदों में 50 रन बनाकर अपनी टीम की जीत में अहम योगदान दिया। इस मैच में भारत ने पहले गेंदबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम को 44.5 ओवरों में 189 रनों पर समेट दिया था। इंग्लैंड के बल्लेबाज फाइनल मैच में पूरी तरह से प्लॉप हुए थे, लेकिन जेम्स रे ने 116 गेंदों पर 95 रनों की पारी खेलकर अपनी टीम को लड़ने का मौका दिया। हालांकि, दूसरे छोर पर किसी भी बल्लेबाज ने उनका साथ नहीं दिया।
राज बावा और रवि कुमार ने भारत के लिए शानदार गेंदबाजी की। राज बावा ने पांच विकेट लिए। वहीं रवि कुमार ने चार और कौशल तांबे ने एक विकेट हासिल किया।