भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भविष्य में सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में शामिल होंगे। वह गुवाहाटी में टी20 अंतरराष्ट्रीय और भारत ए टीम के चयन के लिए हुई बैठक में भी मौजूद थे। लक्ष्मण और अब पूर्व मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के बीच संवाद की स्पष्ट कमी रही थी। माना जाता है कि चोटिल खिलाड़ियों के बारे में सीओई की ओर से समयसीमा की जानकारी नहीं मिलने के कारण कई बार अप्रिय स्थिति पैदा हुई।
बेहतर संवाद के लिए होंगे शामिल
सैकिया ने कहा, अब से वीवीएस लक्ष्मण सीनियर चयन समिति की सभी बैठकों में शामिल होंगे ताकि चयनकर्ताओं और सीओई के बीच किसी तरह की संवादहीनता नहीं हो। मुंबई में हुई समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया कि सीओई के क्रिकेट प्रमुख के तौर पर लक्ष्मण आगे से सभी बैठकों में शामिल होंगे। इसका उद्देश्य संवादहीनता को रोकना और चयनकर्ताओं को सही निर्णय लेने के लिए सटीक जानकारी उपलब्ध कराना है।
बीसीसीआई ने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें लक्ष्मण को गुवाहाटी के एसीए स्टेडियम में हुई सीनियर पुरुष टीम की सिलेक्शन मीटिंग में देखा गया। इस मीटिंग में सैकिया के अलावा सीनियर पुरुष सिलेक्शन पैनल के सदस्य प्रज्ञान ओझा, एसएस दास, अजय रात्रा और आरपी सिंह भी शामिल थे।
हाल के दिनों में पुरुष टीमों के सिलेक्शन में कभी-कभी खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर उलझनें देखने को मिली हैं। कई बार खिलाड़ियों को टीम में शामिल तो किया गया, लेकिन बाद में उन्हें बाहर करना पड़ा क्योंकि वे दौरे से पहले पूरी तरह फिट नहीं हो पाए थे। बीसीसीआई सचिव ने आगे कहा, यह पारदर्शिता की बात नहीं है। असल में, इसका मकसद यह पक्का करना है कि सिलेक्टरों को खिलाड़ियों और उनकी फिटनेस के बारे में पूरी और सही जानकारी मिले, ताकि वे सही फैसले ले सकें।
क्या महिला चयन समिति के लिए लागू होगी व्यवस्था?
यह नियम सीनियर पुरुष टीम की चयन मीटिंग के लिए है, लेकिन अभी यह पता नहीं चला है कि सीनियर महिला टीम की सिलेक्शन मीटिंग के लिए भी यह व्यवस्था लागू की जाएगी या नहीं। पिछले कुछ महीनों में, चोट की वजह से कई महिला खिलाड़ियों की अहम टूर्नामेंट में उपलब्धता पर असर पड़ा है।