सहवाग ने पांच दिवसीय टेस्ट को रोमांस का तरीका करार देते हुए कहा कि इंतजार करना इस प्रारूप की खूबसूरती है। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा बदलाव को स्वीकार किया है लेकिन पांच दिवसीय टेस्ट मैच एक रोमांस है जहां गेंदबाज बल्लेबाज को आउट करने के लिए योजना बनाता है, बल्लेबाज हर गेंद को कैसे मारूं यह सोचता है और स्लिप में खड़ा क्षेत्ररक्षक गेंद का ऐसे इंतजार करता है जैसे प्यार में खड़ा लड़का सामने से हां का इंतजार करता है, सारा दिन इंतजार करता है कि कब गेंद उसके हाथ में आएगी और कब वो लपकेगा।'
इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने हालांकि कहा कि टेस्ट क्रिकेट में थोड़ा नयापन जरूर आना चाहिए। उन्होंने कहा, 'जर्सी के पीछे अंक लिखने का प्रयोग अपनी जगह ठीक है लेकिन डायपर और टेस्ट क्रिकेट तभी बदलने चाहिए जब वे खराब हो। मुझे नहीं लगता कि टेस्ट क्रिकेट खराब है। इसलिए ज्यादा बदलाव की आवश्यकता नहीं है। मैं कहूंगा कि टेस्ट क्रिकेट 143 साल पुराना हट्टा-कट्टा आदमी है और आज की भारतीय टीम की तरह फिट है, उसमें एक आत्मा है और इस आत्मा की उम्र किसी भी कीमत पर छोटी नहीं होनी चाहिए। वैसे चार दिन की चांदनी होती है टेस्ट मैच नहीं।' उन्होंने कहा कि इस प्रारूप में लगातार नतीजे निकले हैं और ड्रॉ मैचों को देखते हुए प्रारूप में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'टेस्ट क्रिकेट में पिछले 10-15 साल में ड्रॉ मैचों की संख्या काफी कम रही है। पिछले पांच साल में 31 टेस्ट ड्रॉ हुए जबकि 223 खेले गए हैं जो केवल 13 प्रतिशत है, यह हमारे जीडीपी से अधिक है। पिछले 10 साल में केवल 83 मैच ड्रॉ हुए है जबकि 433 मैच खेले गए है। ड्रॉ मैचों की संख्या 19 प्रतिशत है' उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा चार दिन के टेस्ट का एक और नुकसान है जो सीधे हम जैसे कमेंटेटर से जुड़ा है।
उन्होंने हंसते हुए कहा, 'अगर मैच चार दिन का हो गया तो हमें भी पांच की जगह चार दिन के पैसे मिलेंगे। अगर नतीजे तीन दिन में आ जाएं तब भी हमें पांच दिन के पैसे मिलते हैं।' सहवाग ने इस मौके पर वहां बैठी पटौदी साहब की पत्नी की तरफ देखते हुए कहा, 'शर्मिला जी यहां बैठी हुई हैं और उन पर फिल्माया गया एक पुराना गाना है जो टेस्ट क्रिकेट भी शायद हम से कह रहा है, 'वादा करो तुम नहीं छोड़ोगो, तुम मेरा साथ, जहां तुम हो वहां मैं भी हूं........।'
भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने क्रिकेट में भ्रष्टाचार और डोपिंग के मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि खेल के हर पहलू को साफ सुथरा रखना खिलाड़ियों के साथ प्रशासकों की भी जिम्मेदारी है। सहवाग ने बीसीसीआई पुरस्कार समारोह के दौरान ‘एमएके पटौदी स्मारक व्याख्यान’ में कहा कि खिलाड़ियों को कभी भी भ्रष्टाचार को लेकर हुए संपर्क के प्रयास की बात को छुपाना नहीं चाहिए।
सहवाग ने कहा, ‘अगर आप इस खेल से प्यार करते हैं तो आपको ऐसे रास्ते पर नहीं जाना चाहिए। अगर आप ऐसा रास्ता चुनते है तो इसका मतलब यह है कि आप इस खेल को प्यार नहीं करते और सिर्फ पैसे के लिए खेलते हैं।’
उन्होंने कहा, 'अगर आप अच्छा खेलते हैं तो पैसे अपने आप आयेंगे। अगर कोई आप से (भ्रष्टाचार या फिक्सिंग के लिए) संपर्क करता है तो कृपया बीसीसीआई और आईसीसी को इसकी सूचना दीजिए, यह जरूरी है।