साल 2011 के वर्ल्ड कप के बारे में बोलते हुए
सहवाग ने कहा , 'भारत की मेजबानी में हुए उस वर्ल्ड कप से दो साल पहले सभी खिलाड़ियों ने एक अहम बैठक की थी, जिसमें हमने तय किया था कि टीम इंडिया अपने सभी मैच एक नॉक आउट मैच समझकर खेलेगी। अगर हम मैच हारे तो समझो टूर्नामेंट से बाहर हो गए।'
गौरतलब है एमएस धोनी की कप्तानी में जीते साल 2011 के वर्ल्ड कप फाइनल में धोनी ने नाबाद 91 रन की पारी खेलकर टीम इंडिया को जीत दिलाई थी। श्रीलंका के खिलाफ फाइनल मुकाबले में कप्तान एमएस धोनी को मैन ऑफ द मैच भी चुना गया था। इसके अलावा बाएं हाथ के अनुभवी सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने सर्वाधिक 97 रनों की पारी खेली थी।