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जो काम धोनी नहीं कर सके उसे कोहली ने कर दिखाया

Fri, 12 Dec 2014 08:38 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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अनफिट महेंद्र सिंह धोनी की जगह टेस्ट मैच में टीम इंडिया की अगुवाई करने उतरे विराट कोहली ने बतौर कप्तान अपने पहले ही टेस्ट में शतक ठोक दिया।
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उनकी यह शतकीय पारी इस लिहाज से बेहद शानदार कही जा सकती है क्योंकि क्रीज पर आते ही उन्होंने बाउंसर का सामना किया था। मुरली विजय के आउट होने के बाद वह जब क्रीज पर आए तो मिचेल जॉनसन ने उनका स्वागत पहली ही गेंद पर एक बाउंसर से किया। बाउंसर कोहली के हेलमेट से टकराया और खेल कुछ देर के लिए रूक गया। सारे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी तेजी से कोहली के पास भागे और उनका हाल पूछा।

कंगारुओं का यह व्यवहार उनके पिछले रिकॉर्ड से काफी उल्टा था, अब तक विपक्षी बल्लेबाज को बाउंसर डालने के बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बल्लेबाज की ओर गुस्से से देखते थे फिर आगे खेलने का चैलेंज देते थे। लेकिन कोहली के साथ ऐसा नहीं हुआ क्योंकि फिल ह्यूज की मौत के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शायद अब इस 'हथियार' को खतरनाक मानने लगे हैं।
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वहीं कप्तान कोहली ने जॉनसन के इस बाउंसर का जवाब अपनी शतकीय पारी से दिया। साथ ही उन्होंने एक ऐसा कारनामा कर डाला जो पिछले ढाई दशकों में अजहरुद्दीन से लेकर महेंद्र धोनी तक कोई नहीं कर पाया।
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सातवें टेस्‍ट शतक से कोहली ने की सनी की बराबरी

विराट कोहली (115) जब बल्‍लेबाजी के लिए क्रीज पर आए तो टीम इंडिया को सधी शुरुआत मिल चुकी थी और नए बल्‍लेबाजों को इसे सिर्फ आगे बढ़ाना था। कप्तान कोहली ने ऐसा ही किया और उन्होंने तीसरे विकेट के लिए चेतेश्वर पुजारा (73) के साथ चौथे विकेट के लिए 81 रनों की साझेदारी की।

फिर अजिंक्य रहाणे (62) के साथ पांचवें विकेट के लिए 101 रनों की साझेदारी कर भारत को फॉलोआन के संकट से दूर किया। पुजारा और रहाणे अर्धशतक लगाकर पवेलियन लौट चुके थे लेकिन कोहली अभी भी क्रीज पर टिके थे।

कोहली ने इसके बाद रोहित शर्मा (नाबाद 33) के साथ पांचवें विकेट के लिए 74 रनों की साझेदारी भी की। इस बीच उन्होंने शतक भी ठोक दिया। अपने 30वें टेस्ट मैच में सातवां शतक जमाने वाले कोहली के लिए यह शतक बेहद यादगार साबित हुआ क्योंकि उन्होंने टेस्ट में बतौर कप्तान अपने पहले ही मैच में सौ रनों से बड़ी पारी खेल डाली।

अपने पहले ही टेस्ट मैच में बतौर कप्तान शतक लगाने वाले कोहली चौथे भारतीय बल्‍लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले विजय हजारे, सुनील गावस्कर और दिलीप वेंगसरकर ही ऐसा कारनामा कर सके थे। वह भले ही स्टंप्स से 3 ओवर पहले ही आउट हो गए लेकिन उन्होंने भारत को संकट से तो बाहर निकाल ही दिया है।
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लगातार 4 जोड़ियों ने की 70 से ज्यादा की साझेदारी

पहले विकेट के लिए मुरली विजय और शिखर धवन के साथ 30 रनों की हुई साझेदारी के बाद भारत की ओर से अगली चार जोड़ियों ने 70 से ज्यादा की साझेदारी की।

पहले चेतेश्वर पुजारा ने 73 ने अर्धशतक लगाते हुए साल 2014 की अपनी सबसे बड़ी टेस्‍ट पारी खेली। इसके बाद कोहली ने भी साल के मध्य में इंग्लैंड दौरे के दौरान अपनी असफलता को पीछे छोड़ते हुए एडिलेड में शतक ठोक दिया। कोहली ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 10 पारियों में इंग्लैंड में महज 134 रन ही बना सके थे। इंग्लैंड में कोहली की सबसे बड़ी पारी 39 रनों की थी।

कोहली ने इस दौरान अजिंक्य रहाणे (62) के साथ चौथे विकेट के लिए 101 रनों की शतकीय साझेदारी की। यह शतकीय साझेदारी भारत की ओर से 5 टेस्ट मैचों के बाद लगी है। इससे पहले इंग्लैंड में नॉटिंघम टेस्ट मैच में मोहम्मद शमी और भुवनेश्वर कुमार के बीच शतकीय साझेदारी हुई थी।
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