अपनी कप्तानी के बारे में कोहली ने कहा, 'मैं हमेशा ही इस स्तर पर खेलना चाहता था और मुझे टीम की कप्तानी करने का सम्मान मिला है। मैं कोई शिकायत नहीं कर सकता हूं। इससे मुझे कड़ी मेहनत कर एक उदाहरण पेश करने का मौका मिलता है। ऐसा करने के बाद ही मैं अपने साथी खिलाड़ियों से कड़ी मेहनत की उम्मीद कर सकता हूं।'
कोहली ने साथ ही कहा कि टेस्ट क्रिकेट के मौजूदा स्वरूप से छेड़छाड़ नहीं होना चाहिए। वह नहीं चाहते कि इसे पांच के बजाय चार दिन का कर दिया जाए। क्रिकेट के इस पारंपरिक प्रारूप को बढ़ावा देने के लिए आईसीसी इसमें कुछ बदलाव करना चाहती है। विराट का बल्ला हाल के दिनों में टेस्ट क्रिकेट में भी खूब चला। इंग्लैंड में पांच मैचों की सीरीज में उन्होंने 593 रन बनाए। कोहली इस प्रारूप में पूरे जुनून के साथ खेलते हैं और उसी तरह से इसके बारे में बात भी करते हैं।
कोहली ने कहा, 'जब आप टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते हो तो आपको जो संतुष्टि मिलती है उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है, क्योंकि आप जानते हो कि यह कितना चुनौतीपूर्ण है। यह खेल का सबसे खूबसूरत प्रारूप है। मैं नहीं चाहता कि इसे चार दिन का किया जाए।'
महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली
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विश्वभर में टी-20 लीग की बढ़ती संख्या से 5 दिवसीय प्रारूप पर खतरा मंडरा रहा है। यहां तक कि वन-डे पर भी अस्तित्व का खतरा मंडरा रहा है। कोहली ने कहा, 'कुछ देशों में ऐसी स्थिति है। यह खेल को देखने वाले लोगों की जागरूकता पर निर्भर करता है। अगर आप दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड की बात करें तो वहां टेस्ट मैचों में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचते हैं, क्योंकि वहां के लोग खेल को समझते हैं।'
आईसीसी 2019 से 9 टीमों के दो साल की टेस्ट विश्व चैंपियनशिप की शुरुआत करेगी। इसके अलावा 13 टीमों की वन-डे लीग भी शुरू होगी। कोहली आगामी टेस्ट चैंपियनशिप के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा, 'इससे टेस्ट क्रिकेट को काफी बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रत्येक सीरीज अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएगी। चैंपियनशिप के दौरान उतार चढ़ाव आएंगे, जिसका मैं वास्तव में इंतजार कर रहा हूं। जिन टीमों को टेस्ट क्रिकेट खेलना पसंद है वे इसको लेकर रोमांचित होंगी।'
इनपुट-भाषा