भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले कहा कि वो ऑस्ट्रेलिया की खूबियों और खामियों के बार में अच्छे से जानते हैं। स्लेजिंग के लिए मशहूर कंगारू टीम के बारे में वो ज्यादा नहीं सोचते और अपना खेल पर ध्यान देते हैं। उनके अनुसार टीम को सिर्फ अपने खेल पर ही ध्यान देना चाहिए।
कोहली ने कहा कि उन्हें इस बात में कोई हैरानी नहीं की ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपने खेमें में कई स्पिनर्स को जगह दी है। वो इस बात को जानते हैं कि भारतीय पिचों पर गेंद टर्न लेगी और ज्यादा स्पिनर को शामिल करना आश्चर्यजनक नहीं है। बुधवार को मीडिया कर्मियों से बात करते हुए कहा कि उनका ध्यान सिर्फ बढिया खेल पर है, जो अंत में टीम को सीरीज जिता सके।
भारतीय कप्तान ने अपनी टीम पर भरोसा जताते हुए कहा कि टीम में गजब का संतुलन है और हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने के लिए उत्साहित है। ऐसे में कोच और कप्तान का आश्वस्त होना लाजमी है। कोहली ने कहा कि वो बेमतलब की चीजों के बारे में सोचने में समय नष्ट नहीं करते।
"22 की उम्र में 35 की मैच्योरिटी कहां से लाऊं"
विराट कोहली
- फोटो : ESPN
अपनी कप्तानी को लेकर कोहली ने कहा अभी उन्हें कप्तान बने ज्यादा वक्त नहीं हुआ है। इसलिए वो बतौर कप्तान अपना आंकलन नहीं कर सकते। एक कप्तान के रूप में अपने प्रदर्शन का आंकलन वे 8 से 10 साल के बाद ही करेंगे, यदि वो उतने समय तक कप्तान रहे। कोहली ने कहा मैदान पर सिर्फ जीत ही मायने रखती है।
उन्होंने कहा कि 22 साल की उम्र में 35 साल की परिपक्वता नहीं दिखा सकते थे। वो समय के साथ मैच्योर हुए हैं। कोच अनिल कुंबले को टीम के लिए एक प्रेरणास्रोत बताते हुए कोहली ने कहा कि कोच ने उनकी आक्रमकता को सही दिशा देने में काफी मदद की। कुंबले जितने आक्रामक खिलाड़ी थे, उतने ही बढ़िया कोच भी हैं। वो हर खिलाड़ी के खेल के स्तर को बढ़ाना चाहते हैं।
"सगे भाई के खिलाफ भी खेला, तो जीत के लिए ही खेलूंगा"
विराट कोहली
- फोटो : BCCI
पुणे की पिच के बारे में कोहली ने कहा कि वो दूसरे दिन से ही टर्न लेना शुरू कर सकती है और ऐसे में टॉस का महत्व काफी बढ़ जाता है। टीम के हर गेंदबाज को अपना रोल पता है। तेज गेंदबाज अपना काम बखूबी निभा रहे हैं और विकेटों के लिए ज्यादा लालायित नहीं हो रहे, जिसका फायदा टीम को नतीजों के रूप में मिल रहा है।
आईपीएल में अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू का दामन छोड़ने वाले तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के बारे में कोहली ने कहा कि वो बेशक ही एक वर्ल्ड क्लास गेंदबाज हैं। स्टार्क रिवर्स स्विंग कराने की क्षमता रखते हैं। कोहली ने कहा कि वो उनके साथ भी खेले चुके हैं और उनके खिलाफ भी खेल चुके हैं।
कोहली ने कहा कि उनके लिए स्लेजिंग से ज्यादा जरूरी चीज जीत है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ी उनके अच्छे मित्र हैं। हालांकि यदि वो अपने सगे भाई के खिलाफ भी मैदान में उतरेंगे, तो भी जीत के लिए ही खेलेंगे। देश की जीत से बढ़कर कुछ नहीं। मैदान में सब पेशेवर हैं और व्यक्तिगत दोस्ती मैदान के बाहर है।