भारतीय क्रिकेट टीम की 'रन मशीन' विराट कोहली राजीव गांधी खेल रत्न के मामले में जिमनास्ट दीपा कर्माकर और निशानेबाज जीतू राय से पिछड़ गए हैं और उन्हें इस प्रतिष्ठित खेल अवार्ड के लिए नहीं चुना गया है।
जिमनास्ट दीपा कर्माकर को आखिरकार रियो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन का ईनाम मिलने जा रहा है। सेवानिवृत्त जज एसके अग्रवाल की अगुवाई वाली चयन कमेटी ने बुधवार को उनके नाम की सिफारिश देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न देने के लिए कर दी।
सिर्फ दीपा ही नहीं बल्कि रियो में 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल तक का सफर तय करने वाले शूटर जीतू राय का नाम भी इस पुरस्कार के लिए आगे बढ़ाया गया है।
दीपा के लिए खेल मंत्रालय की सिफारिश काम कर गई। वरना खेल रत्न के लिए उनके अंक नहीं बन रहे थे, लेकिन कमेटी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि दीपा ने जो काम रियो में करके दिखाया है उसका देशवासियों पर जबरदस्त असर पड़ा है।
दीपा ने खेल रत्न के लिए आवेदन नहीं किया था, लेकिन मंगलवार को खेल मंत्रालय ने उनके नाम को और तीरंदाज अतानु दास का नाम अर्जुन अवार्ड के लिए कमेटी के समक्ष रखा। दीपा पर तो सहमति बन गई लेकिन अतानु को अर्जुन अवार्ड देने पर कमेटी एकमत नहीं दिखाई दी।
जीतू राय को खेल रत्न दिए जाने की वजह उनके सर्वाधिक अंक बनना था। उन्होंने वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत, एशियन गेम्स में गोल्ड और कई वर्ल्ड कप में पदक जीते हैं। कमेटी ने जीतू का ही नाम खेल रत्न के लिए चुना, लेकिन दीपा के चमत्कारिक प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें विशेष केस के तहत इस बार खेल रत्न दिया जाएगा।
साथ ही कमेटी ने यह भी फैसला लिया है कि जो भी खिलाड़ी अब रियो में पदक जीत कर लाएगा उसे भी खेल रत्न पुरस्कार दिया जाएगा। यही वजह है कि पीवी सिंधू का नाम खेल रत्न के दावेदारों में होने के बावजूद उन पर सहमति नहीं बन पाई।