सेमीफाइनल मैच से पहले यह चर्चा हर ओर थी कि वर्ल्ड कप में करिश्माई प्रदर्शन कर रहे विराट कोहली कैरेबियाई आक्रमण के आगे जोरदार पारी खेलने में कामयाब होंगे या नाकाम।
कोहली का लाजवाब प्रदर्शन ही था जिसके दम पर टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच गई। न्यूजीलैंड के खिलाफ हार के बाद कोहली ने मोर्चा संभाला और पाकिस्तान के खिलाफ जोरदार पारी खेली फिर ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध जो पारी खेली वो तो किसी करिश्मे से कम नहीं थी।
यही नहीं वो इस साल लगातार रन बना रहे हैं। कोहली बिना रुके और थके रन बना रहे हैं ज्यों-ज्यों लेवल बढ़ता जा रहा है इस बल्लेबाज से उम्मीदें भी बढ़ती जा रही है। इस साल की बात करें तो उन्होंने सेमीफाइनल मैच से पहले 12 टी-20 मैच खेले जिसमें 11 बार बल्लेबाजी करने का मौका मिला और उन्होंने 536 रन बनाए। साथ ही इन 11 मौकों पर 6 फिफ्टी लगाई और 2 बार 40 से ज्यादा का स्कोर किया। इस दौरान वह हर मैच में 20 से ज्यादा रन बनाने में कामयाब भी रहे।
लेकिन भारतीय पारी के आठवें ओवर में रोहित शर्मा के पगबाधा आउट होने के बाद कोहली जब क्रीज पर आए तो उनका मिजाज उस तरह से नहीं दिख रहा था जिस तरह का पिछले मैचों में दिखता रहा है। इस बार तो उन्हें लगातार 2 गेंदों के अंदर 3 बार रन आउट होने से जीवनदान मिला। शुरुआत में मिले जीवनदान का फायदा उन्होंने उठाया और 47 गेंदों में नाबाद 89 रनों की पारी खेली। इस पारी में उनके बल्ले से 11 चौके के साथ-साथ एक छक्का भी निकला।