विराट कोहली के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है। टीम इंडिया ने मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 2-1 की बढ़त बना रखी है और सिडनी टेस्ट ड्रॉ की तरफ बढ़ रहा है। वैसे, अगर आखिरी दिन मुकाबला पूरा हुआ तो टीम इंडिया इसे जीतने में कामयाब भी हो सकती है।
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर का मानना है कि विराट कोहली सर्वकालिक महान कप्तान बन सकते हैं अगर वह इसी तरह टीम का नेतृत्व करें, जैसा फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में कर रहे हैं।
गावस्कर ने सोनी स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, एक कप्तान के रूप में मुझे कुछ चिंताएं थी, लेकिन अब यह खत्म हो चुकी हैं। कोहली ने बहुत जल्दी सीखा, जो हमने इस सीरीज में देखा। अगर वह सीखने की कला को जारी रखते हैं तो भारत के सर्वकालिक महान कप्तान बनेंगे। वह नतीजे देने में समर्थ हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ियों से प्रदर्शन कराने में सक्षम हैं।
कोहली की बतौर कप्तान चतुराई तब भी देखने को मिली जब सिडनी टेस्ट के तीसरे दिन लैबुशान को आउट करने के लिए रणनीति तैयार की गई। गेंदबाजों के लिए सिडनी टेस्ट की पिच मददगार नजर नहीं आ रही थी। तब भारतीय कप्तान ने आक्रामक फील्डिंग सजाई और कंगारू बल्लेबाजों को गलती करने के लिए बाध्य किया। इसके बाद भारतीय टीम ड्राइविंग सीट पर लौटी और मैच पर अपनी पकड़ मजबूत बनाई।
ऑस्ट्रेलिया की टीम सिडनी टेस्ट के चौथे दिन पहली पारी में 300 रन बनाकर ऑलआउट हुई। कोहली ने मेजबान टीम को फॉलोऑन खेलने को मजबूर किया। भारत के पास पहली पारी के आधार पर 322 रन की बढ़त मौजूद है। मेजबान टीम ने अपनी दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 6 रन बना लिए हैं। खराब रोशनी के कारण चौथे दिन स्टंप्स जल्दी घोषित किए गए।