राष्ट्रीय टीम में फिटनेस के स्तर में बदलाव के लिए जिम्मेदार बासु शंकर को लगता है कि भारतीय और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर टीम के कप्तान विराट कोहली लंबे ब्रेक के बाद और बेहतर एथलीट बन गए हैं। इस दौरान उन्होंने शारीरिक फिटनेस के उन पहलुओं पर ध्यान लगाया जिन पर काम करने की जरूरत थी।
कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के कारण कोहली पांच महीने तक मुंबई में फंस गए और नेट पर उनका अभ्यास अच्छी तरह से यहां संयुक्त अरब अमीरात पहुंचकर ही हो पाया जहां 19 सितंबर से इंडियन प्रीमियर लीग का आयोजन किया जाएगा।
लेकिन उन्होंने सुनिश्चित किया कि ब्रेक के दौरान उनके फिटनेस केस्तर पर कोई असर नहीं पड़े और बल्कि जहां तक कौशल की बात है तो इससे उन्हें वापसी में मदद ही मिली हालांकि वह नेट पर अभ्यास शुरू करने के दौरान थोड़े डरे हुए थे।
पूर्व भारतीय ट्रेनर बासु अब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर (आरसीबी) के ‘स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग’ कोच हैं, उन्होंने दुबई से कहा, ‘वह (कोहली) काफी अच्छी फिटनेस के साथ आए हैं। उनका वजन इस समय बिल्कुल सही है और उनके‘मूवमेंट पैटर्न’ भी लय में हैं जो पहले से बेहतर हैं। उन्होंने इस ब्रेक का इस्तेमाल शारीरिक रूप से उन सभी चीजों पर काम करने के लिए किया जिन पर ध्यान लगाने की जरूरत थी। ’
‘उनके पास समय था कि वह अपनी भोजन की योजनाओं पर ध्यान दे सके और घर पर दौड़ने का अभ्यास भी करता रहे। लॉकडाउन के कारण उनके पास कोई विकल्प नहीं था और उन्होंने ट्रेडमिल पर अपनी सहनशक्ति पर काम किया जो व्यस्त कार्यक्रम के कारण संभव नहीं हो पाता।’
-शंकर बासु,स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच आरसीबी