भारतीय कप्तान विराट कोहली ने निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) में चर्चा का विषय बनी अंपायर्स कॉल के बारे में कहा है कि इससे काफी दुविधा की स्थिति बनी हुई है। विराट का मत है कि एलबीडब्ल्यू निर्णय सिर्फ इस आधार पर होना चाहिए कि क्या गेंद स्टंप को हिट कर रही है या नहीं। अगर हिट कर रही है तो आउट दिया जाना चाहिए चाहे थोड़ी-बहुत ही कर रही हो।
गौरतलब है कि मौजूदा नियमों के मुताबिक, यदि अंपायर्स कॉल को चुनौती दी जाती है तो गेंद कम से कम 50 प्रतिशत स्टंप को हिट करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं तब से खेल रहा हूं जब डीआरएस नहीं होता था। यदि अंपायर आउट देने का फैसला करता है तो चाहे बल्लेबाज को पसंद हो या नहीं वैसा ही रहना चाहिए। इसी तरह अंपायर यदि नॉटआउट देता है तो भी फैसला वही रहना चाहिए। बोल्ड होने की स्थिति में तो हम नहीं देखते कि गेंद 50 प्रतिशत लग रही है या कम।
राहुल का समर्थन:
भारतीय कप्तान ने खराब फॉर्म से गुजर रहे लोकेश राहुल के बारे में पूछे जाने पर कहा कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना-छोड़ो बेकार की बातों में बीत ना जाए रैना।
क्रिकेट कैलेंडर बनाने में खिलाड़ियों को किया जाए शामिल:
विराट कोहली ने सोमवार को कहा कि क्रिकेट कैलेंडर बनाने से पहले खिलाड़ियों से भी परामर्श लेना चाहिए। क्योंकि कोरोना काल में बायो बबल में जीवन बेहद कठिन हो गया है। कोहली ने कहा कि क्रिकेटरों के मानसिक स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देना चाहिए। मुझे लगता है कि यह विचार करना बहुत महत्वपूर्ण है कि आप कितना क्रिकेट खेल रहे हैं। कोहली ने कहा कि यह केवल शारीरिक पक्ष नहीं है बल्कि चीजों का मानसिक पक्ष भी है।