सार
पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन ब्रेन स्ट्रोक का खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए नियमित दवाइयों और देखभाल जरूरी है। अमर उजाला ने कांबली के डॉक्टर से बात की है। आइये जानते हैं...
पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली की सेहत को लेकर एक बार फिर चिंता जताई जा रही है। हालांकि, राहत की बात यह है कि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है; लेकिन भविष्य में ब्रेन स्ट्रोक का खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
डॉक्टर ने बताया: फिलहाल हालत स्थिर, लेकिन सतर्कता जरूरी
अमर उजाला ने कांबली के डॉक्टर विवेक द्विवेदी से बातचीत की। उन्होंने कहा, हाल ही में उनकी पत्नी से बातचीत हुई थी, जिसमें बताया गया कि कांबली घर पर हैं और ठीक हैं। अगर वह अपनी दवाइयों का नियमित रूप से सेवन करते हैं, तो फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि दवाइयों में लापरवाही होने पर स्ट्रोक दोबारा आने का जोखिम बना रहता है। डॉक्टर ने यह भी बताया कि कांबली का मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह सामान्य होना मुश्किल है। लंबे समय तक शराब के सेवन और दो बार स्ट्रोक होने की वजह से उन्हें एम्नेशिया और अन्य याददाश्त से जुड़ी समस्याएं हैं।
रिहैबिलिटेशन और स्पीच थेरेपी की जरूरत
डॉक्टर के अनुसार, कांबली को बेहतर रिकवरी के लिए रिहैबिलिटेशन और स्पीच थेरेपी की जरूरत है, लेकिन फिलहाल उन्हें यह सपोर्ट नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे आर्थिक या पारिवारिक कारण हो सकते हैं। पिछले एक साल की तुलना में उनकी स्थिति में कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है, लेकिन सुधार भी सीमित ही रहा है।
विनोद कांबली
- फोटो : X (screengrab)
बार-बार यूटीआई और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं
डॉक्टर ने बताया कि कांबली हाल ही में यूरिन इन्फेक्शन (यूटीआई) के इलाज के लिए आए थे। उन्हें यूरिन इनकॉन्टिनेंस की समस्या है, जिसके कारण उन्हें बार-बार संक्रमण हो जाता है।
दोस्त का दावा: दिमाग में क्लॉट, स्ट्रोक का खतरा बरकरार
इससे पहले कांबली के करीबी दोस्त मार्कस से अमर उजाला ने बात की थी। क्योटो के मुताबिक, करीब एक साल पहले उनके दिमाग में ब्लड क्लॉट पाया गया था। इसका इलाज हुआ, लेकिन यह पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता, जिससे भविष्य में स्ट्रोक का खतरा बना हुआ है। उन्होंने बताया कि कांबली अब चल-फिर पा रहे हैं, लेकिन उनकी याददाश्त पहले जैसी नहीं रही और उन्हें कई बातें भूल जाती हैं।
शराब छोड़ी, लेकिन स्मोकिंग चिंता का विषय
कांबली ने शराब छोड़ दी है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक कदम है। हालांकि धूम्रपान अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है। डॉक्टरों और दोस्तों का मानना है कि अगर उन्होंने स्मोकिंग नहीं छोड़ी, तो आगे गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
दोस्तों और क्रिकेट दिग्गजों का मिल रहा साथ
कांबली की मदद के लिए उनके दोस्तों ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है, जिसके जरिए आर्थिक सहायता की जा रही है। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर और कपिल देव भी पहले उनके समर्थन में आगे आ चुके हैं।
पिछले साल अस्पताल में भर्ती हुए थे
गौरतलब है कि पिछले साल तबीयत बिगड़ने पर कांबली को ठाणे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें यूरिन संक्रमण और मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत थी। जांच के दौरान उनके मस्तिष्क में रक्त का थक्का पाया गया था। करीब दो हफ्ते इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार हुआ था।