टेस्ट में एक के बाद दो दोहरे शतक जमाने वाले पहले
भारतीय बल्लेबाज कांबली ने कहा, 'तेंदुलकर का मेरी क्रिकेट में वापसी में बड़ा हाथ रहा है। हमने जो भी आचरेकर सर से सीखा है, मेरे ख्याल से समय आ गया है जब वही पाठ युवाओं को देना है। अगर युवा इसका फायदा उठा सके तो अच्छा रहेगा।'
बकौल कांबली, 'आचरेकर सर ने जो सीखाया, वो युवाओं को सिखाना चाहता हूं ताकि आगे चलकर वह लोग भी देश का प्रतिनिधित्व करें। एक कहावत है कि प्रैक्टिस व्यक्ति को परफेक्ट बनाती है, लेकिन आचरेकर सर कहते थे परफेक्ट प्रैक्टिस ही व्यक्ति को परफेक्ट बनाती है। सफलता का यही मंत्र मैं युवाओं को देना चाहूंगा। मैंने और सचिन ने भी इस पर विश्वास किया और सफलता हासिल की।'