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विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में आज आमने-सामने होंगे घरेलू क्रिकेट के दो पावरहाऊस

Sat, 20 Oct 2018 03:38 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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gautam gambhir
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दिल्ली की दिलेर टीम और स्टार खिलाड़ियों से सजी मुंबई के बीच शनिवार को यहां विजय हजारे ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। घरेलू क्रिकेट की दोनों ताकतवर टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। दरअसल, यह मुकाबला दिल्ली की गेंदबाजी और मुंबई की बल्लेबाजी के बीच है। 

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दिल्ली के पास नवदीप सैनी और कुलवंत खेजरोलिया के रूप में दो अच्छे तेज गेंदबाज हैं। चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच भी पेसरों के लिए मददगार मानी जा रही है। दूसरी ओर मुंबई की बल्लेबाजी में अजिंक्य रहाणे, पृथ्वी शॉ और फॉर्म में चल रहे कप्तान श्रेयस अय्यर हैं। मुंबई को इस मैच में वनडे प्रारूप के विशेषज्ञ रोहित शर्मा की सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पाएंगी। 

दाएं हाथ के आकर्षक बल्लेबाज ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में हिस्सा लिया था लेकिन उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ रविवार से शुरू होने वाली सीरीज के लिए शनिवार को एक दिन पहले भारतीय टीम में शामिल होना है।  
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मुंबई ने क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में क्रमश: बिहार और हैदराबाद को हराकर फाइनल में प्रवेश किया है। तेज गेंदबाज धवल कु लकर्णी और तुषार देशपांडे ने मुश्किल हालात में अच्छा प्रदर्शन किया है। बाएं हाथ के युवा स्पिनर शम्स मुलानी अब तक 16 विकेट ले चुके हैं और टूर्नामेंट में मुंबई की ओर से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं।  

कप्तान अय्यर ने अग्रिम मोर्चे पर नेतृत्व करते हुए 122 की औसत से 366 रन किए हैं जिसमें दो शतक और एक अर्द्धशतक शामिल है। अठारह वर्ष के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ जिन्होंने अपनी पदार्पण टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने अब तक चार मैचों में 348 रन बनाए हैं जिसमें सेमीफाइनल में खेली 61 रन की पारी शामिल है। दिल्ली के पेसरों नवदीप सैनी और खेजरोलिया मुंबई की बल्लेबाजी की परीक्षा ले सकते हैं। 

दूसरी ओर दिल्ली की टीम का मनोबल भी ऊंचा है जिसने झारखंड के खिलाफ सेमीफाइनल में दबाव के बीच रोमांचक जीत हासिल की। गौतम गंभीर की अगुवाई वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर थी लेकिन नौवें क्रम पर बल्लेबाजी करने वाले पवन नेगी ने दबाव के बीच बेहतरीन प्रदर्शन कर अंतिम ओवर में टीम को जीत दिलाई। 

फाइनल में कप्तान गौतम गंभीर के अलावा ध्रुव शौरे और नीतीश राणा पर दिल्ली की बल्लेबाजी का मुख्य दारोमदार होगा। गौतम के सलामी जोड़ीदार उन्मुक्त चंद ने नॉकआउट दौर में बड़ी पारी नहीं खेली है ऐसे में उन पर प्रदर्शन करने का दबाव होगा। प्रांशु विजयरन और ललित यादव भी फाइनल मुकाबले में अहम भूमिका निभाना चाहेंगे। 

मुंबई ने 2003-2004 और 2006-2007 में यह खिताब जीता था। जबकि दिल्ली ने 2012-13 में खिताब पर कब्जा जमाया था। 2015-16 में दिल्ली की टीम फाइनल में पहुंची थी, लेकिन गुजरात से हार गई थी। मुंबई भी 2011-12 में उपविजेता रह चुकी है।
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28: अंक हासिल किए हैं मुंबई ने फाइनल से पूर्व और एक भी मैच नहीं हारा है 

06: जीत मिली है दिल्ली की टीम को अब तक खेले गए आठ मुकाबलों में 

517 : रन बनाए हैं दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर ने जिसमें दो शतक शामिल हैं 

366: रन बनाए हैं मुंबई के कप्तान श्रेयस अय्यर ने छह मैचों में 

348: रन है मुंबई के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ के चार मैचों में 

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