सौराष्ट्र की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में बुधवार को सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच तीसरा क्वार्टरफाइनल मैच खेला गया। जयदेव उनादकट की अगुवाई में सौराष्ट्र की टीम ने एकतरफा मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ सात विकेट से जीत हासिल की।
सौराष्ट्र की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में बुधवार को सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच तीसरा क्वार्टरफाइनल मैच खेला गया। जयदेव उनादकट की अगुवाई में सौराष्ट्र की टीम ने एकतरफा मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ सात विकेट से जीत हासिल की।
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सौराष्ट्र के कप्तान जयदेव उनादकट ने टॉस जीतकर विदर्भ को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। इसके बाद विदर्भ की शुरुआत बेहद खराब रही और उसने महज 9 रन के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए। हालांकि इसके बाद अक्षय वाडकर और फैज फजल ने मिलकर एक साझेदारी कर टीम को शुरुआती झटके से उबारने की कोशिश की, लेकिन वह भी अधिक काम नहीं आई। देखते-देखते विदर्भ ने 86 रन पर अपने आठ विकेट गंवा दिए। एक समय ऐसा लग रहा था कि विदर्भ की पूरी टीम 100 रन के अंदर ही ढेर हो जाएगी लेकिन सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे अपूर्व वानखेड़े ने 69 गेंदों में 72 रन की पारी खेलकर सौराष्ट्र के सामने 151 रन का लक्ष्य रखा। सौराष्ट्र की तरफ से सभी गेंदबाजों ने विकेट लिए लेकिन कप्तान उनादकट, चिराग जानी, युवराज चूडास्मा और धर्मेंद्रसिंह जडेजा को दो-दो सफलताएं मिलीं।
विदर्भ के 151 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की शुरुआत भी ख़राब रही और उसने 13 रन के स्कोर पर दो और 35 रन के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए। हालांकि इसके बाद प्रेरक मांकड़ (77*) और अर्पित वसावड़ा (41*) ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 116 रनों की अटूट साझेदारी की और टीम को 30वें ओवर में ही जीत दिला दी।