विराट ने आगे कहा, ''जब मैं 40 रन पर बल्लेबाजी कर रहा होता हूं तो मुझे पता होता है कि मैं 150 बना सकता हूं, लेकिन ऐसा नहीं होना मुझे लगातार परेशान कर रहा था। मुझे इस बात का गर्व था कि जब टीम को मेरी जरूरत थी मैं खड़ा होता था। कठिन परिस्थितियों में स्कोर करता था। मैं ऐसा करने में सक्षम नहीं हो रहा था और इससे यह बात मुझे परेशान कर रही थी।"
विराट ने कहा, ''मैं रिकॉर्ड के बारे में कभी नहीं सोचता। बहुत सारे लोग मुझसे पूछते हैं कि आप लगातार शतक कैसे लगा लेते हैं और मैं हमेशा कहता है कि मेरा जो लक्ष्य है उसके अंदर शतक आ जाता है। मेरा लक्ष्य टीम के लिए लंबी पारियां खेलना है। हालांकि, अगर मैं पूरी ईमानदारी से कहूं तो यह थोड़ा मुश्किल हो जाता है क्योंकि जैसे ही आप होटल के कमरे से बाहर निकलते हैं, लिफ्ट में मिलने वाले आदमी से लेकर बस ड्राइवर तक, हर कोई यही कहता है कि हमे एक और शतक चाहिए। इन्हीं कारणों से यह हर समय आपके दिमाग में चलता रहता है।"