रघुनाथ और सतीश ने तीसरे विकेट के लिये 60 रन जोड़े लेकिन शेष भारत के गेंदबाजों ने दूसरे सत्र में केवल 65 रन दिये और इस बीच तीन विकेट निकाले। इनमें रघुनाथ और सतीश के विकेट भी शामिल थे।
बायें हाथ के स्पिनर धर्मेन्द्रसिंह जडेजा ने संजय का महत्वपूर्ण विकेट हासिल किया। उन्होंने उछाल लेती गेंद पर शार्ट कवर पर खड़े हनुमा विहारी को कैच दिया। गौतम ने मोहित काले (एक) को आते ही पवेलियन की राह दिखा दी। इशान किशन ने पीछे डाइव लगाकर उनका खूबसूरत कैच लिया।
शेष भारत के कप्तान अंजिक्य रहाणे ने ऐसे में तेज गेंदबाज राजपूत को गेंद सौंपी लेकिन सतीश और विकेटकीपर बल्लेबाज वाडकर ने उनका अच्छी तरह से सामना किया। सतीश हालांकि चाय के विश्राम से ठीक पहले जडेजा की गेंद पर पगबाधा आउट हो गये।
वाडकर और आदित्य सरवटे (18) ने लगभग 17 ओवर तक शेष भारत के गेंदबाजों को सफलता से महरूम रखा और इस बीच छठे विकेट के लिये 58 रन जोड़े। राजपूत ने आखिर में सरवटे को पगबाधा आउट करके यह साझेदारी तोड़ी। वाडकर ने अब तक 96 गेंदों का सामना करके नौ चौके लगाये हैं। उनके साथ अक्षय कर्णीवार 15 रन बनाकर खेल रहे हैं।