अक्षय वाडकर (133*) और सिद्धेश (56*) की बेहतरीन पारियों के दम पर विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी 2017-18 फाइनल के तीसरे दिन दिल्ली के खिलाफ पहली पारी के आधार पर 233 रन की बढ़त हासिल कर ली है, जबकि उसके तीन विकेट शेष हैं। इंदौर के होलकर स्टेडियम पर खेले जा रहे फाइनल में दिल्ली की पहली पारी 295 रन के जवाब में विदर्भ ने स्टंप्स तक 528/7 का स्कोर बना लिया है।
विदर्भ की टीम रणजी ट्रॉफी में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़ी है क्योंकि वो पहली बार रणजी ट्रॉफी की चैंपियन बन सकती है। मैच की स्थिति को देखते हुए दिल्ली की वापसी मुश्किल लग रही है। हालांकि, दिल्ली के पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच का रुख पलट सकते हैं। इस लिहाज से रणजी ट्रॉफी का फाइनल बेहद रोमांचक स्थिति में पहुंच गया है।
आपको बता दें कि अगर मैच ड्रॉ हुआ तो विदर्भ पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर चैंपियन बन जाएगा। विदर्भ की तरफ से अक्षय वाडकर ने तीसरे दिन शानदार शतक लगाया।
विदर्भ ने अपनी पारी 206/4 के स्कोर से आगे बढ़ाई, लेकिन पहले ही सेशन में उसे दो जोरदार झटके लगे।
वसीम जाफर 78 और अप्पोर्व वानखड़े 28 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद अक्षय वाडकर ने आदित्य सरवटे (79) के साथ सातवें विकेट के लिए 169 रन जोड़कर दिल्ली को बड़ा झटका दिया।
अक्षय ने अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक लगाया और आदित्य के आउट होने के बाद उन्होंने आठवें विकेट के लिए सिद्धेश नेरल के साथ अभी तक 113 रनों की अविजित साझेदारी निभा ली है और दिल्ली को मैच से लगभग बाहर कर दिया है। स्टंप्स के समय अक्षय 133 और सिद्धेश 56 रन बनाकर नाबाद थे।
दिल्ली की तरफ से अभी तक नवदीप सैनी ने तीन, आकाश सुदन से दो विकेट लिए हैं। नितीश राणा और कुलवंत खेजरोलिया को एक-एक सफलता हाथ लगी है।