टेस्ट क्रिकेट से महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास के बाद यह सवाल सभी के जहन में था उनकी जगह की भरपाई कौन करेगा। मगर सिलेक्टरों ने रिद्धिमान साहा पर भरोसा जताया और उन्होंने अपने प्रदर्शन के दम पर खुद को साबित भी किया है।
साहा के पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उनका प्रदर्शन काफी अच्छा नजर आता है। अपने होम ग्राउंड ईडन गार्डन्स में साहा ने दोनों पारियों में हाफ सेंचुरी बनाई। साहा दोनों ही पारियों में नॉटआउट भी रहे। पहली पारी में अविजित 54 रन बनाने वाले साहा ने दूसरी पारी में नाबाद 58 रन बनाए।
पिछली दो सीरीज में साहा ने मिले मौकों की खूब भुनाया है। भले ही साहा की पारियों के बड़े चर्चे न रहे हों, मगर साहा ने निचले क्रम में बेहतरीन साझेदारियां करके खुद को साबित किया है।