अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान उन्मुक्त चंद की आउट ऑफ फार्म न केवल इस युवा क्रिकेटर के लिए चिंता का सबब है बल्कि इससे उनके जिले के लोग भी खासे मायूस हैं।
खराब फार्म के चलते आईपीएल में उनका बल्ला रनों के सूखे से जूझ रहा है। ऐसे में उनकी टीम दिल्ली डेयरडेविल्स ने तीन मैचों में सिर्फ दो रन बनाने के बाद उन्हें बाहर बिठा दिया है, जबकि 26 अगस्त 2012 को जूनियर विश्व कप के फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपनी शतकीय पारी की बदौलत टीम को खिताब दिलाया था।
उनकी इस नाकामी को उनके गांववासी कुल देवता उदयदेव महराज की नाराजगी के रूप में भी देख रहे हैं। ऐसे में उन्मुक्त के पिता मई में ईष्ट के पूजन के लिए गांव आ रहे हैं।
पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से करीब 37 किमी दूर खड़कूभल्या उन्मुक्त चंद का गांव है। दिल्ली में शिक्षक उन्मुक्त के पिता भरत चंद और मां राजेश्वरी चंद ने पिछले साल मई में यहां आकर कुल देवता ठाकुर जी से बेटे और टीम इंडिया की कामयाबी के लिए मन्नत मांगी थीं।
मन्नत पूरी होने पर अक्तूबर में उन्होंने कुल देवता के दरबार में आने की बात कही थी, लेकिन वह न आ सके। पिछले कुछ समय से उन्मुक्त के बल्ले की चमक भी गायब है, जिसे कुल देवता की नाराजगी माना जा रहा है।
आईपीएल में अब तक खेले गए तीन मैचों में कोई चमक नहीं बिखर पाने से यह बल्लेबाज फिलहाल प्लेइंग इलेवन में नहीं है।
खड़कूभल्या के ग्रामीण तारा चंद कहते हैं कि अशुद्धि की वजह से उन्मुक्त चंद का परिवार अक्तूबर में कुल देवता के दरबार में नहीं आ सका था। अब उन्होंने मई में यहां आने की बात कही है।
मंदिर के धामी(देवता) मोती चंद को उम्मीद है कि कुल देवता का आशीर्वाद फिर से उन्मुक्त चंद को मिलेगा और उनका बल्ला फिर से रनों की बारिश करेगा।