भाजपा पर प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का राजनीतिक दबाव बढ़ता ही जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड के बाद अब शिवसेना ने भाजपा को पीएम पद के प्रत्याशी पर सस्पेंस खत्म करने को कहा है।
शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' में छपे आलेख में कहा गया कि भाजपा साफ करे कि पीएम पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी हैं या नहीं?
शिवसेना ने चेतावनी दी है कि गलत प्रत्याशी के चयन पर पुराने सहयोगी अलग हो सकते हैं। इस मसले पर भाजपा को जल्द ही राजग के सहयोगी दलों की बैठक बुलानी चाहिए।
हालांकि शिवसेना ने साफ किया कि गुजरात दंगों के लिए नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। मोदी की जगह कोई भी प्रदेश का मुख्यमंत्री होता तो भी घटना होती।
शिवसेना ने पूर्व में पीएम पद के लिए लोकसभा में विपक्ष के भाजपा नेता सुषमा स्वराज का नाम सुझाया था।
उल्लेखनीय है कि जनता दल यूनाइटेड ने भाजपा को दिसंबर तक भाजपा को पीएम पद के प्रत्याशी घोषित करने को कहा है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संकेत दिया था कि जदयू को नरेंद्र मोदी स्वीकार नहीं है। यदि भाजपा मोदी को अपना उम्मीदवार बनाएगी तो पार्टी राजग से अलग हो जाएगी।