क्रिकेट में भविष्य बनाना चाहते हैं तो अंडर 19 खेलने से पहले अंडर 14 और 16 खेलना बहुत जरूरी है। अंडर 16 नहीं खेला तो अंडर 19 में सिर्फ दो मैच खेलने को मिलेंगे, इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की मुराद अधूरी रह जाएगी। खेलों में जन्म प्रमाण पत्रों को लेकर बढ़ रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बीसीसीआई ने यह नई पहल की है। खिलाड़ियों को खेल में अब गंभीरता लानी होगी।
बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में बताया कि खिलाड़ियों के फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों से बोर्ड दुखी है। जिनके पास हुनर है वह भी आकर बताते हैं कि उनके प्रमाण पत्र बाढ़ में बह गए। ऐसे में हमारे पास खिलाड़ियों को खोने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है। बाद में ऐसे खिलाड़ियों का पेच कई मामलों में फंसता है। इसलिए जन्म प्रमाण पत्रों के मामले में गंभीरता लाने के लिए खिलाड़ियों की उम्र संबंधी दस्तावेजों को उनके खेल से आंका जाएगा।
बचपन से क्रिकेट की प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ी प्रापर उम्र के मैच में अपने आपको साबित करें और आगे बढ़ें। अंडर 14 के बाद अंडर 16 में खेलना जरूरी है। कुछ खिलाड़ी अंडर 14 के बाद सीधे अंडर 19 के लिए ट्राई करते हैं जो गलत है। ऐसे खिलाड़ियों को अंडर 19 खेलने को तो मिलेगा लेकिन सिर्फ दो बार। इन्हें वर्ल्ड कप और अन्य अंतरराष्ट्रीय मैचों में एंट्री नहीं दी जाएगी।