जब बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज इतने अहम मोड़ पर है और अगले दो टेस्ट मेलबर्न और सिडनी में भारत दो स्पिनरों के साथ भी खेल सकता है, तो अश्विन ने संन्यास का फैसला क्यों किया? आइए जानते हैं...
एक ऐसे समय में जब अश्विन अपने करियर के चरम पर थे, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। यह एक ऐसा फैसला है, जिसके पीछे की वजह शायद खुद अश्विन ही बता पाएं। टेस्ट में 537 विकेट, 37 फाइफर्स, 11 प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड्स, छह टेस्ट शतक, 14 अर्धशतक...ऐसा कौन सा रिकॉर्ड है जिससे अश्विन पीछे रहे, लेकिन उन्होंने इससे दूर जाने का फैसला लिया। वह शुरू में एक बल्लेबाज थे, जो कि आगे चलकर एक महान स्पिनर बना। वह आमतौर पर ऑफ स्पिन गेंदबाजी करते थे, लेकिन उनकी कैरम बॉल ने दुनिया में तहलका मचा दिया था। हालांकि, उनके 'रिटायरमेंट का समय' एक ऐसी अनसुलझी गेंद है, जिसका किसी के पास कोई जवाब नहीं है।
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परिवार और दोस्त भी इस फैसले से हैरान थे
अश्विन अपने परिवार के साथ
- फोटो : BCCI
उनके परिवार ने यह फैसला आते हुए देखा था, लेकिन वे भी अचानक इसके एलान से आश्चर्यचकित थे। वे भी यह नहीं समझ पाए कि अश्विन ने ऐसा सीरीज के बीच में ही क्यों किया? रामकृष्णपुरम फर्स्ट स्ट्रीट में उनके दोस्त, जिन्हें अश्विन ने अपने संन्यास के एलान के समय में धन्यवाद दिया, वे भी सोच रहे थे आखिर ये क्या हो रहा है। उनमें से एक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा- पिछले कुछ समय से वह काफी परेशान रह रहे हैं। यहां तक कि जब हमने उनके मूड को ठीक करने की कोशिश की, तो भी वह जवाब नहीं दे रहे थे। हम जानते थे कि संन्यास आने वाला है, लेकिन अभी नहीं।
टीम के अंदर कप्तान रोहित शर्मा और मुख्य कोच गौतम गंभीर को छोड़कर, यह निर्णय बाकी लोगों के लिए एक झटका था। विराट कोहली का ड्रेसिंग रूम में उन्हें गले लगाना, जिसे ब्रॉडकास्टर्स ने बार बार अपने चैनल पर दिखाया, उससे लग रहा था कि बाकी लोगों को ब्रिस्बेन टेस्ट के अंत में ही पता चला कि अश्विन संन्यास लेने जा रहे हैं। अब यह सवाल उठता है कि क्यों? खासकर जब सीरीज इतने अहम मोड़ पर है और अगले दो टेस्ट मेलबर्न और सिडनी में भारत दो स्पिनरों के साथ भी खेल सकता है, तो अश्विन ने संन्यास का फैसला क्यों किया? आइए जानते हैं...
अश्विन के पिता ने तो मेलबर्न और सिडनी के फ्लाइट भी बुक की थी
रविचंद्रन अश्विन
- फोटो : BCCI
इस फैसले से कई लोग हैरान थे, लेकिन अश्विन लंबे समय से संन्यास पर विचार कर रहे थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में भारत में हुई चार मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से ही अश्विन इस पर विचार कर रहे थे। वह अपने घुटने से परेशान थे। इसी के बाद से उन्हें सबसे पहली बार संन्यास का विचार आया था। उनके करीबी लोगों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होने से पहले भी वह दुविधा में थे, लेकिन खुद को वह एक आखिरी मौका देना चाहते थे क्योंकि ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद अगले साल जून से पहले कोई टेस्ट सीरीज नहीं है। इसलिए एक बार जब वह पर्थ के लिए फ्लाइट में बैठे, तो उनके परिवार और दोस्तों को उम्मीद थी कि वह सीरीज खत्म कर ही वापस लौटेंगे। अश्विन के पिता रविचंद्रन ने तो बॉक्सिंग डे टेस्ट के लिए और नए साल के सिडनी टेस्ट को देखने के लिए फ्लाइट टिकट भी बुक करा लिए थे। मंगलवार रात को अश्विन ने अपने पिता को फोन करके बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के तौर पर 18 दिसंबर उनका आखिरी दिन होगा।
पिछले काफी समय से अश्विन परेशान चल रहे थे
कोहली और अश्विन
- फोटो : X
हालांकि, घुटने की परेशानी के अलावा ऐसा लगता है कि इस फैसले के पीछे कुछ ऐसी घटनाएं हैं, जिससे अश्विन नाखुश थे। भारत का घरेलू टेस्ट सीजन बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज से शुरू हुआ। इसमें वह प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे। अश्विन के पास अभी भी कम से कम कुछ साल बाकी थे। हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में अश्विन का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा। अश्विन ने बाद में अपने यूट्यूब चैनल पर भी बताया कि यह सीरीज उनके लिए झकझोर देने वाली थी। इससे उनके घरेलू रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचा और वह अपनी दोनों बेटियों के साथ इस सीरीज में उनके प्रदर्शन का जवाब ढूंढने में लगे हैं।
टीम मैनेजमेंट के फैसले से नाखुश थे अश्विन?
अश्विन, जडेजा और सुंदर
- फोटो : Twitter
ऐसा माना जा रहा था कि ऑस्ट्रेलिया सीरीज अश्विन के लिए पटरी पर वापस आने का एकमात्र तरीका था। जब उन्होंने सीरीज के लिए हामी भरी तो वह आश्वस्त थे कि वह इस सीरीज में कमबैक करेंगे। लेकिन एक बार वहां पहुंचने के बाद टीम मैनेजमेंट ने संकेत दिया कि भले ही वे दो स्पिनरों को खिलाएं, लेकिन अश्विन को खेलने का मौका नहीं मिल सकता है। शीर्ष क्रम पर्याप्त रन नहीं बना पा रहा है जिससे भारत का झुकाव रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर की ओर है।
जैसा कि रोहित ने खुलासा किया, अश्विन के संन्यास के बारे में उन्हें तब पता चला जब वह पर्थ पहुंचे। हालांकि, कप्तान द्वारा उन्हें मनाने के बाद ही ऑफ स्पिनर ने पिंक बॉल टेस्ट तक रुकने का फैसला किया। एडिलेड में तेज गेंदबाजों की मददगार पिच पर अच्छी गेंदबाजी के बावजूद अश्विन को ब्रिस्बेन में बेंच पर बैठाया गया। अश्विन को पता चल गया था कि ऐसे में मेलबर्न और सिडनी में उन्हें मौका मिलने की कोई निश्चितता नहीं है। कुछ हद तक माना जा रहा है कि वह टीम मैनेजमेंट के फैसले से भी नाखुश थे। अश्विन ने संन्यास से पहले कप्तान रोहित शर्मा से कहा कि अगर इस समय सीरीज में मेरी जरूरत नहीं है तो मेरे लिए खेल को अलविदा कहना ही बेहतर होगा।
पहले भी ऐसा हुआ है जब उन्हें सफेद गेंद की टीम से हटा दिया गया था, तो उन्होंने जवाब खोजने में कई दिन बिताए थे। हालांकि, उन्होंने अपने संन्यास पर खुशी जाहिर की है। हालांकि, उनके इंस्टाग्राम पोस्ट और कैप्शन से ऐसा लगता है कि उन्हें यह निर्णय लेने के लिए भी ट्रिगर किया गया है। इंस्टाग्राम पर अपने अलविदा संदेश के लिए उन्होंने जो बैकग्राउंड सॉन्ग चुना, वह शायद उनके मूड को अभिव्यक्त करता है। अश्विन ने संन्यास के एलान के वक्त कहा था कि 'मुझे लगता है कि क्रिकेटर के रूप में मुझमें कुछ पंच बचा है, लेकिन मैं इसे क्लब स्तर के क्रिकेट में दिखाना चाहता हूं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह मेरा आखिरी दिन है।'