संन्यास ले चुके ऑस्ट्रेलियाई अंपायर साइमन टॉफेल ने कहा कि अंधेरा घिरने के समय गुलाबी गेंद को देख पाना बल्लेबाजों ही नहीं अंपायरों के लिए भी चुनौती होगी। उन्होंने साथ ही कहा कि नए रंग का आदी होने के लिए अंपायरों के कुछ अभ्यास सत्र में हिस्सा लेने की उम्मीद है।
एडिलेड में पहले गुलाबी गेंद के टेस्ट के दौरान मौजूद रहे आईसीसी के अंपायर परफोर्मेंस एवं ट्रेनिंग मैनेजर टॉफेल ने कहा कि बेहतर तरीके से देखने के लिए अंपायर कृत्रिम लेंस का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने कहा,‘मुझे नहीं पता कि वह गेंद को अलग तरह से देखने के लिए किसी तरह के विशेष लेंस का उपयोग करेंगे या नहीं। यह पूरी तरह से उन पर निर्भर करता है। लेकिन वह जितना अधिक संभव तो उतने नेट सत्र में हिस्सा लेंगे।
वे नेट सत्र और सामंजस्य बैठाने की गतिविधियों से गुजरेंगे। अंधेरा घिरने का समय भी होगा जब लाइट में बदलाव आएगा और सूरज की रोशनी की जगह कृत्रिम रोशनी लेगी। गेंद को देखने के लिए बल्लेबाज के सामने यह सबसे चुनौतीपूर्ण समय होगा। मैं अंपायरों के लिए भी इसी तरह की चुनौती की उम्मीद कर रहा हूं। अंपायरों के लिए भी यह उतना ही कड़ा और चुनौतीपूर्ण होगा।’