फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक गलती से तबाह हुआ अंबाती रायुडू का करियर, वरना मचा देते भारतीय क्रिकेट में धूम

Thu, 04 Jul 2019 11:51 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 8
अंबाती रायुडू - फोटो : सोशल मीडिया
अंबाती रायुडू को क्रिकेट जगत एक ऐसे खिलाड़ी के तौर याद करेगा, जो अपनी दुर्लभ क्रिकेट प्रतिभा के साथ न्याय नहीं कर पाया। बहुमुखी प्रतिभा का धनी एक खिलाड़ी जो खेल नहीं राजनीति के मैदान पर हार गया। विश्व कप टीम में नजरअंदाज किए जाने से बेहद दुखी होकर रायुडू ने बुधवार को हमेशा-हमेशा के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
विज्ञापन

2 of 8
Rayudu vijay
टीम में नंबर चार पोजिशन के प्रबल दावेदार रहे अंबाती की जगह विजय शंकर को विश्व कप स्क्वॉड में जगह मिली थी, तब से ही रायुडू अंदर ही अंदर घुट रहे थे। आलोचनाओं के बाद बीसीसीआई ने जरूर रिजर्व खिलाड़ी बनाया, लेकिन जरूरत पड़ने पर एक बार फिर उन्हें नजरअंदाज करते हुए किसी और को जगह दे दी गई।

विज्ञापन

3 of 8
अंबाती रायुडू
अपने मुखर स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले रायुडू ने बीसीसीआई को किए मेल में किसी पर अपने संन्यास का दोष नहीं मढ़ा। अपने कप्तानों का धन्यवाद किया। मनमौजी व्यक्तित्व के लिए पहचाने जाने वाले 33 वर्षीय रायुडू की माने तो उनके संन्यास को विजय शंकर की जगह मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किए जाने से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।

4 of 8
virat rayudu
अपने लंबे क्रिकेट करियर में आंध्र प्रदेश के इस खिलाड़ी ने बेहद उतार-चढ़ाव देखा। टीम इंडिया के लिए 55 वन-डे इंटरनेशनल और छह टी-20 खेलने वाले इस खिलाड़ी ने 16 साल की उम्र में ही बल्ले से तहलका मचा दिया था। 2002 में अंडर-19 क्रिकेट खेलते हुए इंग्लैंड के खिलाफ 177 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इसके ठीक बाद उन्होंने रणजी में धमाकेदार डेब्यू किया।
विज्ञापन

5 of 8
ambati rayudu
हैदराबाद के लिए खेलते हुए उन्होंने डबल सेंचुरी लगाई। साल 2004 में अंडर-19 टीम की कप्तानी की। शिखर धवन, आरपी सिंह, दिनेश कार्तिक जैसे खिलाड़ियों से सजी टीम की अगुवाई करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, अगले कुछ सीजन अच्छे नहीं बीते। एक तरफ बल्ले से रन नहीं निकल रहे थे तो दूसरी ओर कोच और फिर अंपायर से लड़ बैठे।
विज्ञापन

6 of 8
ambati rayudu mumbai
रायुडू की जिंदगी में सबसे बड़ा मोड़ 2008 में आया जब उन्होंने 21 साल की उम्र में बीसीसीआई से बागी हुए गैर पंजीकृत इंडियन क्रिकेट लीग में खेलने का फैसला किया। साल 2009 में बीसीसीआई ने आईसीएल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों से शर्तों के साथ बैन वापस ले लिया। रायडू को आईपीएल में खेलने का मौका मिल गया।
विज्ञापन

7 of 8
ambati rayudu
रायडू ने साल 2010 के आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद भी लगातार शानदार प्रदर्शन जारी थी, लेकिन टीम इंडिया के लिए डेब्यू करने का मौका साल 2013 में 27 साल की उम्र में मिला। जिम्बाब्वे दौरे के डेब्यू मैच में ही 63 रन की पारी खेली।
विज्ञापन

8 of 8
अंबाती रायुडू - फोटो : सोशल मीडिया
साल 2015 के वर्ल्ड कप टीम में उन्हें जगह मिली, लेकिन उन्हें एक मैच में भी खेलने का मौका नहीं मिला। 2019 में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद टीम में जगह नहीं बना पाए। अब आखिर में जब सब्र का बांध टूट गया तो 3 जुलाई 2019 को संन्यास की घोषणा कर दी। हालांकि वे IPL में खेलते रहेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें