वह ऐसा क्यों सोचते हैं इस बारे में जब विस्तार से बताने को कहा गया तो हसन ने संदेह जताया कि जिस तरह ओपनर तमीम इकबाल अपनी पत्नी के प्रसव का हवाला देकर दौरे से हट गए जबकि शुरुआत में वह सिर्फ अंतिम टेस्ट से बाहर रहने पर सहमत हुए थे। हसन ने कहा,‘‘तमीम ने शुरुआत में मुझे बताया था कि वह अपने दूसरे बच्चे के जन्म के कारण सिर्फ दूसरे टेस्ट (कोलकाता में 22 से 26 नवंबर) से बाहर रहेंगे। हालांकि खिलाड़ियों के साथ बैठक के बाद तमीम मेरे कमरे में आए और कहा कि वह पूरे दौरे से बाहर रहना चाहते हैं। मैंने उससे पूछ कि ‘ऐसा क्यों’? लेकिन उन्होेंने सिर्फ इतना कहा कि वह नहीं जाएंगे। इसके बाद मुझे हैरानी नहीं होगी अगर अंतिम लम्हें में कोई और दौरे से हट जाए, जब हमारे पास कोई और विकल्प नहीं बचेगा। मैंने शाकिब को बात करने के लिए बुलाया था। अब अगर वह भी दौरे से हट जाते हैं तो मैं कप्तान कहां से लेकर आऊंगा? मुझे पूरा संयोजन बदलना पड़ सकता है।’
बांग्लादेश क्रिकेट टीम
- फोटो : ट्विटर
हसन ने कहा कि उनकी मांगों पर सहमत होकर उन्होंने गलती की है। उन्होंने कहा, ‘मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा। मैं प्रत्येक दिन उनके साथ बात कर रहा हूं। हड़ताल करने से पहले उन्होंने मुझे जानकारी भी नहीं दी। मुझे लगता है कि उनकी मांगें मानकर मैंने गलती की। मुझे कभी ऐसा नहीं करना चाहिए था। मुझे खिलाड़ियों को कहना चाहिए था कि जब तक आप हड़ताल खत्म नहीं करते हम आपके साथ बैठकर कोई बात नहीं करेंगे। बोर्ड के विभिन्न सदस्यों से बात करते हुए मैंने महसूस किया कि हमारा रवैया ऐसा नहीं होना चाहिए था लेकिन मीडिया ने भी हमारे ऊपर दबाव बनाया।’