ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा ने मौजूदा एशेज सीरीज में इंग्लैंड के खिलाड़ियों में आक्रामकता के अभाव की निंदा करते हुए कहा कि वह अच्छे बने रहने की होड़ की बजाय करीबी प्रतिस्पर्धी मुकाबले देखना चाहेंगे।
उन्होंने कहा कि आईपीएल और बिग बैश लीग के कारण इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों में अत्यधिक भाईचारे से वह जुनून कम हो गया है जो देश के लिए खेलते समय चाहिए। उन्होंने सिडनी मार्निंग हेराल्ड से कहा, कई बार जरूरत से ज्यादा अच्छाई हो जाती है।
मैक्ग्रा ने कहा- सबकी नजर में अच्छे बने रहने की होड़। ऐसे में लोग आक्रामक नहीं होना चाहते। मुझे याद है जब नासिर हुसैन यहां इंग्लैंड टीम के साथ आए थे तो उन्हें हमसे बात करने या गुड डे कहने की भी अनुमति नहीं थी। ऑस्ट्रेलियाई लोगों को बड़े शब्दों का संक्षेप करने की आदत है, लेकिन मैक्ग्रा को उपनाम पसंद नहीं हैं।
उन्होंने कहा, हर बार ऑस्ट्रेलिया या इंग्लैंड के क्रिकेटरों का इंटरव्यू होता है तो उपनाम सुनाई देता है। ब्रॉडी, जिमी, केज। मैंने पूछा केज कौन है तो पता चला एलेक्स कैरी। वे एक दूसरे को ज्यादा पहचानते हैं हमारे समय में ऐसा नहीं था।