चेन्नई में चार साल बाद टेस्ट क्रिकेट की वापसी हो रही है। इससे वहां के लोग खुश तो हैं मगर वो रोमांच नहीं दिखाई दे रहा है, जो पहले होता था।
दरअसल, भारत और इंग्लैंड के बीच शुक्रवार से चार मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत हो रही है। कोरोना महामारी के चलते भारत में लंबे समय के बाद इस सीरीज से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत हो रही है। यही कारण है कि पहले वाला वो रोमांच फीका नजर आ रहा है।
कोरोना महामारी के कारण पहला टेस्ट खाली स्टेडियम में दर्शकों की गैरमौजूदगी में होगा लेकिन सरकार के नए दिशानिर्देशों के बाद बीसीसीआई और तमिलनाडु क्रिकेट संघ (टीएनसीए) ने दूसरे टेस्ट में स्टेडियम की क्षमता के 50 प्रतिशत दर्शकों के प्रवेश को स्वीकृति दी है।
गौरतलब है कि चार मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले दो मुकाबले चेन्नई में होंगे जबकि बाकी बचे मैचों की मेजबानी अहमदाबाद करेगा। बता दें कि चेन्नई में पिछला टेस्ट भी भारत और इंग्लैंड के बीच ही 16 से 20 दिसंबर 2016 तक खेला गया था।