मुंबई पुलिस ने महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की अनुमति के बिना औषधीय उत्पादों के प्रचार के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अज्ञात लोगों ने सचिन की अनुमति के बिना उनके नाम, फोटो और आवाज का इस्तेमाल विज्ञापन करने के लिए किया है। अधिकारी ने बताया कि तेंदुलकर के एक सहयोगी ने इस संबंध में गुरुवार को पश्चिम क्षेत्र साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी।
शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे एक दवा कंपनी के ऑनलाइन विज्ञापन मिले, जिसमें दावा किया गया था कि सचिन इस कंपनी की उत्पाद लाइन का समर्थन करते हैं। उन्हें एक वेबसाइट sachinhealth.in भी मिली, जिसने तेंदुलकर की तस्वीर का उपयोग करके इन उत्पादों का प्रचार किया।
शिकायत में कहा गया है कि तेंदुलकर ने कभी भी कंपनी को उनके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी थी और इससे उनकी छवि खराब हो रही थी, इसलिए उन्होंने अपने सहयोगी को कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अधिकारी ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465 (जालसाजी) और 500 (मानहानि) के तहत अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, आगे की जांच जारी है।
क्या है मामला?
शिकायतकर्ता को पांच मई के दिन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन दिखा था, जिसमें सचिन की तस्वीर दिख रही थी। इस विज्ञापन में कहा गया था कि सचिन इन उत्पादों का समर्थन करते हैं। यह वेबसाइट सचिन के नाम का उपयोग कर वसा कम करने वाला स्प्रे बेच रही थी। साथ ही दावा किया जा रहा था कि उत्पाद खरीदने वाले व्यक्ति को सचिन के हस्ताक्षर वाली एक टी शर्ट भी मिलेगी। हालांकि, यह हकीकत नहीं है। इसी वजह से पुलिस को शिकायत की गई और अब मामला दर्ज हो चुका है।