क्रिकेट इतिहास में अब तक जितनी बातें लिखी गई हैं उसमें सचिन की बात लगभग हर कहानी में है। क्रिकेट के भगवान सचिन ने क्रिकेट के सबसे रोमांचक संस्करण वनडे से संन्यास ले लिया है। वैसे तो सचिन के संन्यास को लेकर पिछले कई सालों से बातें चल रही थी लेकिन कहीं न कहीं क्रिकेट प्रशंसकों को इस बात का भी डर था कि सचिन के संन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट में एक खालीपन आ जाएगा।
सचिन ने केवल वनडे से संन्यास लिया है इसलिए अभी क्रिकेट प्रशंसक उनकी टेस्ट पारियां देख सकेंगे। वनडे में सचिन रिकॉर्ड के उस मुकाम पर हैं जहां किसी भी क्रिकेटर का पहुंचना किसी सपने से कम नहीं होगा। सचिन ने वनडे क्रिकेट में पहला दोहरा शतक लगाया था।
सचिन ने पाकिस्तान के ही खिलाफ 1989 में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। उसके बाद से वह लगातार सफलता के शिखर पर चढते गए और उन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का महाशतक पूरा करने की अनोखी उपलब्धि भी हासिल की। इनमे से 49 वनडे और 51 शतक टेस्ट क्रिकेट में लगाए है। सचिन ने कुल 463 वनडे मैच खेलकर विश्व में सर्वाधिक 18426 रन बनाए है जिनमें 49 शतकों के साथ 96 अर्द्धशतक भी शामिल है। सचिन ने अपनी अंतिम वनडे पारी भी पाकिस्तान के खिलाफ 18 मार्च 2012 को एशिया कप में खेली थी। इस पारी में सचिन ने 52 रन बनाए और भारत को 6 विकेट से जीत मिली थी।