फातुल्लाह टेस्ट मैच में लगभग 3 दिन का खेल बारिश से धुल गया जिस कारण मैच का कोई परिणाम नहीं निकल सका।
हालांकि मैच के अंतिम दिन भारतीय गेंदबाजों ने जबर्दस्त गेंदबाजी करते हुए बांग्लादेश की पहली पारी 256 रनों पर समेट दी और फिर फॉलोऑन के लिए भी बुला दिया। लेकिन दूसरी पारी खेलने के लिए वक्त नहीं बचा और मैच को ड्रॉ पर खत्म करा दिया गया।
मैच के ड्रॉ पर खत्म होने से कप्तान विराट कोहली का बतौर कप्तान टेस्ट मैच में जीत का पहला स्वाद चखने का सपना अधूरा रह गया। टेस्ट में पहली जीत के लिए उन्हें अभी लंबा इंतजार करना होगा। भारत को दो महीने के बाद श्रीलंका के दौरे पर जाना है जहां उसे टेस्ट सीरीज खेलना होगा और वहीं पर कोहली अपना सपना पूरा कर सकते हैं।
बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में बारिश के कारण सीधी जीत का मौका न मिल पाने से मायूस भारतीय कप्तान विराट कोहली ने कहा कि अगर टेस्ट मैच में रिजर्व डे का प्रावधान हो तो यह बेहतर रहेगा। उन्होंने कहा कि इस पर बहस हो सकती है लेकिन मेरी नजर में यदि नतीजा संभावित लग रहा हो तो रिजर्व डे में कोई नुकसान नहीं है।
साथ ही भारतीय कप्तान कोहली ने बांग्लादेश के खिलाफ ड्रॉ हुए वर्षा बाधित टेस्ट मैच में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहते हुए कहा कि लड़कों ने निस्वार्थ प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि हमारे बल्लेबाजों खासकर मुरली विजय, शिखर धवन और अजिंक्य रहाणे ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह सचमुच निःस्वार्थ प्रदर्शन था जहां टीम हित सर्वोपरि था क्योंकि खिलाड़ी जानते थे कि वर्षा के कारण ज्यादा समय नहीं है इसलिए उन्होंने तेजी से रन बटोरे। बारिश के कारण बाधा से दोनों टीमों को निराशा हुई होगी। हम चाहते थे कि पांचों दिन खेल होता।
पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान के रूप में यह विराट का पहला मैच था। आर अश्विन और हरभजन सिंह की गेंदबाजी के बारे में उन्होंने कहा कि दो अच्छे स्पिनरों को दोनों छोरों से गेंद करते देखना अच्छा लगा। उन्होंने बल्लेबाजों को दबाव में रखा। हमने जितना भी समय मैदान में बिताया खिलाड़ियों ने पूरी लगन दिखाते हुए अच्छे प्रयास किए।