अमूमन 13 का नंबर अनलकी माना जाता है। कोई भी इस नंबर का सामना नहीं करना चाहता लेकिन जहां टीम इंडिया के लिए यह नंबर लकी साबित हुआ वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए अनलकी।
बुधवार को जयपुर में हुए वनडे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने भारत की सरजमीं पर अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 359 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। और भारत को 360 रनों का वो लक्ष्य दिया जो इससे पहले दो बार दे चुके थे और दोनों ही बार कंगारू टीम बड़े अंतर से मैच जीतने में सफल भी रही।
सबसे बड़ी बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया को 12 बार 300 या 300 से ज्यादा का लक्ष्य दिया और हर बार कंगारू मैच जीतने में सफल रहे।
लेकिन तीसरी बार 360 रनों का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया के लिए भारी पड़ गया और उन्हें वो हार झेलनी पड़ी जिसकी उम्मीद उन्हें नहीं थी।
ऑस्ट्रेलिया ने इससे पहले 300 से ज्यादा के लक्ष्य में भारत को 12 हराया था और 13वें मौके पर महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम इंडिया ने हार के सिलसिले को तोड़ दिया।
पांच में चार में हारे
13वें मौके पर ऑस्ट्रेलिया को मिली हार इस मायने में भी शर्मनाक है क्योंकि वनडे इतिहास में पांच सबसे बड़ा लक्ष्य देने के बाद कंगारू टीम रिकॉर्ड चौथी बार अपने स्कोर का बचाव करने में असफल रही।
वनडे इतिहास में ऑस्ट्रेलिया ने 12 मार्च, 2006 को जोहांसबर्ग में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 438 रनों का विश्व रिकॉर्ड लक्ष्य दिया था, लेकिन इस मैच में भी उसे एक विकेट से हार का सामना करना पड़ा।