कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए उनके प्रचारित गुजरात विकास मॉडल की पोल खोलने का दावा किया।
सिंह ने शुक्रवार को कहा कि वह लगातार 12 दिनों तक एक विषय पर मोदी के फर्जी आंकड़ों की पोल खोलकर दुनिया के सामने रखेंगे। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य मिलेंगे।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के गुजरात के विकास के दावे की आलोचना करते हुए बताया कि गुजरात में प्रति व्यक्ति ऋण देश में सबसे ज्यादा है। इसका मतलब है कि राज्य का हर व्यक्ति कर्ज के बोझ से दबा हुआ है।
दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके भी कहा है कि क्या मोदी सेवक हैं, कृप्या जवाब दें? गुजरात के विकास मॉडल को जनता के सामने लाना चाहिए।
सिंह ने लिखा है कि मोदी कहते हैं कि 'मैंने गुजरात का कर्ज उतार दिया अब देश का कर्ज उतारना है', ये गुजरात के विकास मॉडल का एक और संकेत है।
अन्य राज्यों से ज्यादा गुजरात का कर्ज
दिग्विजय ने योजना आयोग की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि उसमें गुजरात पर ऋण का भार सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 25.20 फीसदी होने की बात कही गई है, जो अन्य राज्यों के 24.13 फीसदी से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि वह और अधिक तथ्यों के साथ आएंगे।
अभी हाल ही में दिग्विजय ने नरेंद्र मोदी को किसी भी कांग्रेस नेता से बहस करने की चुनौती दी थी।
उन्होंने कहा कि मोदी ने अपने प्रधानमंत्री बनने के सपने के लिए गुजरात को कर्ज में डुबा दिया है। इसी तरह वो पूरे भारत को भी डुबो देंगे।
भाजपा ने किया विरोध
दिग्विजय सिंह के इन दावों पर शुक्रवार को ही भारतीय जनता पार्टी ने भी हमला बोल दिया। भाजपा नेता सिद्घार्थ नाथ सिंह ने दिग्विजय को राजनीतिक रूप से दिवालिया करार दिया है। उन्होंने कहा कि वो आर्थशास्त्र के बारे में कुछ नहीं जानते हैं।
भाजपा ने कहा कि गुजरात का प्रति व्यक्ति ऋण 23 हजार रुपए है जो देश 33 हजार रुपए से कम है।