तभी टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज
युजवेंद्र चहल ने उन्हें अपनी फिरकी के जाल में फंसा लिया। चहल ने कप्तान रोहित शर्मा के हाथों उन्हें कैच आउट करवाकर पवेलियन का रास्ता दिखाया। यह मैच का वो क्षण था जब टीम इंडिया को विकेट की बहुत ज्यादा दरकार थी। ऐसे में अगर चहल मेंडिस को पवेलियन का रास्ता न दिखाते तो वह मेहमान टीम के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते थे।
चहल ने इस मैच में 4 ओवर गेंदबाजी करने के बाद 34 रन देकर एकमात्र और अहम विकेट लिया। इसके अलावा तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुल ने 4 ओवर में 27 रन देकर सबसे ज्यादा 4 विकेट अपने नाम किए। उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।