मौजूदा समय में टीम इंडिया का सदस्य होना दुनिया जीतने से कम नहीं है। भारत में ऐसे कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हुए जो बेहतर 'पहचान' के अभाव में टीम का हिस्सा बने बिना ही चले जाते हैं। वैसे भी 120 करोड़ की आबादी में अंतिम 11 में चुना जाना किसी सपने से कम नहीं है। भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। ऐसे में जो नाम पहले आ जाते हैं उनके टीम में आने की संभावना बढ़ जाती है।
मौजूदा समय में टीम इंडिया बदलाव के दौर से गुजर रही है। क्रिकेट की एक पीढ़ी (गांगुली, द्रविड़, लक्ष्मण, सचिन, कुंबले) संन्यास ले चुकी है। टीम इंडिया फिर से तैयार हो रही है। इसी बीच स्कूल स्तर पर दो बड़े नाम आ रहे हैं जो आने वाले समय में टीम का हिस्सा बन सकते हैं।
पहला नाम मास्टर ब्लास्टर सचिन के लड़के अर्जुन तेंदुलकर और दूसरा नाम वसीम जाफर के भतीजे अरमान जाफर का है। ये दोनों खिलाड़ी स्कूल स्तर पर अपने झंडे गाड़ रहे हैं। ऐसा नहीं कि इनके अलावा और कोई नाम नहीं है। इन दो नामों को इसलिए पहचान मिली क्योंकि ये बड़े खिलाड़ियों से जुड़े हुए हैं।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या यह दोनों वाकई में टीम में आने की काबिलियत रखते हैं। आइए डालते हैं इन दोनों के अब तक के कैरियर पर एक नजर...
अर्जुन तेंदुलकर
14 साल के अर्जुन तेंदुलकर को जो पहचान मिली है उसमे उनके खेल से ज्यादा सचिन के बेटे के रूप में है। स्कूली बाउंड्री पार करते हुए पहली बार अर्जुन ने वेस्ट जोन मुकाबलों के लिए मुंबई अंडर-14 टीम में जगह बनाई है। स्कूली स्तर पर अर्जुन का एक पारी में सर्वाधिक स्कोर 124 रन है। हालांकि अर्जुन के इस सलेक्श्ान पर भी विरोध में काफी आवाजें उठीं।
ये अलग बात है कि उन्हें कई मौकों पर टीम इंडिया के मौजूदा कोच डंकन फ्लेचर से कोचिंग मिल चुकी है। अर्जुन के फेवरेट प्लेयर सौरव गांगुली हैं। अर्जुन अक्सर टीम इंडिया के कैंप में देखे जाते हैं जहां उन्हें सचिन सहित कई खिलाड़ियों से टिप्स मिलते रहते हैं। बल्लेबाजी में अर्जुन ने अभी तक ऐसे कोई झंडे नहीं गाड़े हैं जिनकी देर तक चर्चा हुई हो।
अरमान जाफर
हाल ही में वसीम जाफर के भतीजे 15 साल के अरमान जाफर ने अंडर-16 स्कूल टूर्नामेंट हैरिस शील्ड में रिकॉर्ड 473 रनों की पारी खेल नया इतिहास रचा है। हैरिस शील्ड स्कूल टूर्नामेंट के इतिहास में यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। अरमान 500 रनों का आंकड़ा पूरा करने से तीन साल पहले भी महज दो रनों से चूक गए थे। जाइल्ड शील्ड टूर्नामेंट के एक मैच में अरमान ने 498 रन बनाए थे।
अरमान अभी भी स्कूल स्तर के टूर्नामेंट खेल रहे हैं। स्कूली स्तर पर उनकी बड़ी-बड़ी पारियां उन्हें पहचान तो दिला रही हैं लेकिन इससे बाहर आने में उन्हें कितना वक्त लगेगा इसका अंदाजा तो आने वाले समय में ही लगेगा। अरमान जाफर स्कूली क्रिकेट में एक पारी में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दुनिया में छठें स्थान पर हैं। जबकि भारत में तीसरे स्थान पर हैं।