हेलीकॉप्टर घूसकांड में सियासी घमासान और तेज हो गया है। भाजपा ने केंद्र की यूपीए सरकार पर हर सौदे में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर सौदे में ली गई दलाली में भी उसका ही हाथ है। सरकार को यह बताना चाहिए कि हेलीकॉप्टर खरीद में दलाली का मोटा माल किसे मिला है।
भाजपा ने सीबीआई की जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस एजेंसी की जांच पर भरोसा नहीं है। सरकार को सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल (एसआईटी) या संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से पूरे प्रकरण की जांच करानी चाहिए। भाजपा ने कहा कि इस मामले से बचने के लिए कांग्रेस हेलीकॉप्टर सौदे में एनडीए का नाम उछाल रही है।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि हेलीकॉप्टर सौदे में बतौर दलाली मोटा माल लिया गया है। अब सरकार को यह बताना चाहिए कि वह कौन लोग हैं, जिन्होंने दलाली ली है और दलाली के तौर पर कितनी रकम ली गई है। यह भी सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि हेलीकॉप्टर खरीद घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट या जेपीसी की निगरानी में एसआईटी से कराई जाए, ताकि इस राज से पर्दा उठ सके कि दलाली के रूप में मोटा माल देश के किस परिवार को मिला है।
जावडेकर ने इस घोटाले के संदर्भ में पार्टी की ओर से सरकार के सामने छह सवाल रखते हुए उनका जवाब मांगा। इन सवालों में इटली की अदालत में दाखिल आरोप पत्र में दो जगह परिवार (द फैमिली) को तकरीबन 200 करोड़ रुपये का भुगतान करने का जिक्र किया गया है।
जावडेकर ने कहा कि देश जानना चाहता है कि यह परिवार कौन है। भाजपा ने सरकार से यह भी बताने को कहा है कि हेलीकॉप्टर सौदे को अंतिम रूप किसने दिया और उस पर हस्ताक्षर किसने किए। रिश्वत किसने प्राप्त की है और उसका एमआर एमजीएफ से क्या संबंध है। आईडीएस इंडिया की इस घोटाले में क्या भूमिका है और क्या सरकार ने घोटाले के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए इटली सरकार को पत्र लिखा है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने कहा कि कांग्रेस भेदभावपूर्ण तरीके से जांच का अंत करने के उद्देश्य से सीबीआई के दुरुपयोग के लिए कुख्यात है। इसीलिए भाजपा को सीबीआई जांच स्वीकार्य नहीं है। सीबीआई की कोई विश्वसनीयता नहीं है और सरकार के इरादे भी संदेहपूर्ण हैं।