स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों में फंसे टीम इंडिया के पूर्व तेज गेंदबाज एस श्रीसंत हाईकोर्ट से राहत ना मिलने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना रहे है। गौरतलब है कि श्रीसंत आईपीएल 2013 के दौरान स्पॉट फिक्सिंग के कथित आरोपों में फंस गए थे।
बात दें कि हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने श्रीसंत पर बीसीसीआई की ओर से लगाए आजीवन प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए प्रतिबंध हटाने के एकल पीठ के फैसले को रद्द कर दिया था। जिसके बाद श्रीसंत अब बीसीसीआई द्वारा उन पर लगाये गए आजीवन प्रतिबंध को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
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इस मामले में श्रीसंत ने कहा, मेरे पास अब केवल यही विकल्प बचा है कि मैं सु्प्रीम कोर्ट की शरण में जाऊं। क्रिकेट के अलावा मेरी जिंदगी अच्छी चल रही है। मैं अपने अधिकारों के लिये लडूंगा। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल देश की तरफ से खेलने से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह सम्मान वापस पाने की बात की भी है।' इतना ही नहीं श्रीसंत ने कहा कि वह अब तक चुप रहे, लेकिन अब अपने दिल की बात कहने का सही वक्त है। उन्होंने कहा, ‘यही वजह है कि अब मैं खुल गया हूं। मैंने बोलना शुरू कर दिया है। यह केवल शुरूआत है, अभी और भी कई चीजें सामने आएंगी।
मालूम हो कि इससे पहले श्रीसंत ने कहा था कि बीसीसीआई फिक्सिंग में शामिल 13 अन्य खिलाड़ियों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ बीसीसीआई ने षड्यंत्र किया है। बीसीसीआई ने हालांकि श्रीसंत के इन आरोपों को सिरे से खारिज किया था।
श्रीसंत ने कहा कि जिन खिलाड़ियों को बीसीसीआई बचा रही है उनमें से 5-6 खिलाड़ी तो अभी भी आईपीएल में खेल रहे हैं। श्रीसंत ने कहा कि इन 13 खिलाड़ियों के नाम मुदगल कमेटी की रिपोर्ट में थे। नाम आने के बाद बीसीसीआई ने इन नामों को सार्वजनिक नहीं करने की अपील की थी। उसे शंका थी कि नाम सामने आने से भारतीय क्रिकेट को नुकसान हो सकता था।