भारत ने अपना पहला टेस्ट मैच 1932 में खेला था। यह सफर 80 साल पुराना हो चुका है। इस दौरान भारतीय टीम ने वन डे क्रिकेट के दो और एक टी-20 का वर्ल्ड कप भी अपने नाम किया।
लेकिन इतने सालों में सीके नायडू से लेकर अनिल कुंबले तक कोई भी कप्तान 4-0 से क्लीन स्वीप नहीं कर सका है। महेंद्र सिंह धोनी की टीम यह इतिहास बनाने की दहलीज पर खड़ी है।
सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हो रहे दिल्ली टेस्ट को फतेह करना है और धोनी 4-0 से श्रृंखला जीतने वाले देश के पहले कप्तान बन जाएंगे। हालांकि टेस्ट शुरू होने की पूर्व संध्या तक दोनों ही टीमों के लिए चयन फांस बना हुआ है।
व्हाइट वॉश की संभावनाएं इस वजह से भी प्रबल हैं कि अब तक लगातार तीन टेस्ट हार चुकी ऑस्ट्रेलिया के लिए चौथे टेस्ट से पहले भी समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब तक यह साफ नहीं है कि इस टेस्ट में माइकल क्लार्क खेलेंगे या नहीं।
क्लार्क ने आज भी अपने खेलने को लेकर स्थिति साफ नहीं की। उन्होंने बुधवार की तरह आज भी अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया। बावजूद इसके उन्होंने अपने खेलने की उम्मीदों को खारिज नहीं किया।
उनका कहना है कि टेस्ट शुरू होने में 24 घंटे का समय है। वह अपनी पीठ की समस्या का इलाज करा रहे हैं। कल सुबह ही वह इस बारे में फैसला लेंगे।
क्लार्क नहीं खेलते हैं तो शेन वाटसन का इस टेस्ट में कप्तान बनना तय है। आज भी वाटसन ने गहन अभ्यास किया। नेट सत्र पूरा करने के बाद वह मुख्य मैदान में कोच के साथ नॉकिंग करते रहे।
वहीं भारतीय ड्रेसिंग रूम का माहौल सातवें आसमान पर है। इशांत शर्मा का कहना है कि तीन लगातार टेस्ट मैचों में जीत हासिल करने के बाद ड्रेसिंग रूम का महौल शानदार है। खिलाड़ियों के न सिर्फ विश्वास में वृद्धि हुई है बल्कि उनका उत्साह भी बढ़ा है।
हालांकि शिखर धवन के नहीं खेलने से आज शाम तक यह साफ नहीं थी कि कौन सा बल्लेबाज मुरली विजय के साथ पारी की शुरूआत करेगा। लेकिन अभ्यास सत्र में सबसे पहले पुजारा बल्लेबाजी के लिए आए।
इससे यह संकेत जा रहा है कि धोनी अपने टेस्ट कैरियर में दो बार ओपनिंग कर चुके पुजारा को यहां विशुद्ध ओपनर का मौका दे सकते हैं। हालांकि अजिंक्य रहाणे और सुरेश रैना ने भी जमकर अभ्यास किया। लेकिन रैना ने न सिर्फ ऑफ ब्रेक गेंदबाजी की बल्कि कोच डंकन फ्लैचर के साथ उनकी लंबी मंत्रणा भी हुई।
बड़ा सवाल! मिलेगा रहाणे को मौका?
मोहाली टेस्ट शुरू होने से एक दिन पहले जब कप्तान धोनी ने शिखर धवन को मौका देने की बात कही तो अजिंक्य रहाणे बेहद निराश नजर आए। अभ्यास सत्र में उनकी यह निराशा साफ झलक रही थी।
हो भी क्यों नहीं आखिर 16 महीनें से वह टेस्ट टीम में हैं और इस दौरान भारत 12 टेस्ट मैच खेल चुका है। लेकिन रहाणे गजब की प्रतिभा और घरेलू क्रिकेट में 62 का औसत होने के बावजूद पानी पिलाने की भूमिका निभाते आ रहे हैं।
टेस्ट क्रिकेट में उनके प्रवेश का सूखा दिल्ली में खत्म होगा या नहीं। यह अब तक तय नहीं है। रहाणे ऐसे बल्लेबाज हैं जो ओपनिंग के साथ मध्य क्रम में खेल सकते हैं। धोनी अगर पुजारा से पारी की शुरूआत कराते हैं तो सुरेश रैना और रहाणे के लिए मध्य क्रम में जगह बचेगी।
इस वक्त लाख टके का सवाल यह है कि इन दोनों में कौन खेलेगा? अभ्यास सत्र के बाद इशांत शर्मा से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा अब तक इस पर फैसला नहीं हुआ है। लेकिन यह तय है कि रहाणे को अगर इस बार मौका नहीं मिला तो यह उनके साथ नाइंसाफी से कम नहीं होगा।