ऑस्ट्रेलिया में फरवरी-मार्च 1985 में बेन्सन एंड हेजेस विश्व चैंपियनशिप ने दुनिया को रंगीन क्रिकेट की सौगात दी। धुंधली रौशनी में पहली बार क्रिकेट ने सबका मन मोह लिया। इस टूर्नामेंट की खासियत यह रही कि इसमें फाइनल में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला हुआ। भारत ने पहली बार पाकिस्तान को फाइनल में हराया। देश को एक नया चैंपियन रवि शास्त्री के रूप में मिला। पूरी सीरीज में उम्दा प्रदर्शन करने के लिए शास्त्री को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। उन्हें चैंपियन ऑफ चैंपियनशिप का खिताब देते हुए ऑस्ट्रेलियन ऑडी 100 कार गिफ्ट दी गई।
1983 की विश्व कप की जीत के दौरान कपिल देव टीम के नायक थे। वहीं इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को टीम इंडिया ने सुनील गावस्कर की कप्तानी में जीता। विजडन ने गावस्कर के नेतृत्व वाली इस टीम को सर्वश्रेष्ठ टीम घोषित किया। विक्टोरिया में यूरोपीय निपटान की 150 वीं वर्षगांठ की याद में इस टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। टेस्ट मैच खेलने वाली सभी टीमों ने इसमें भाग लिया था। मेलबर्न क्रिकेट मैदान और सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में मैच खेले गए। मेलबर्न क्रिकेट मैदान में रोशनी के बीच ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला गया पहला मैच 82,494 दर्शकों ने देखा।
विज्ञापन
फाइनल जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट समूची दुनिया में छा गया
2 of 5
टीम इंडिया
- फोटो : espn cricinfo
भारत 1983 विश्व कप जीतने के बाद अपने क्रिकेट को नया आयाम दे रहा था। यह टूर्नामेंट भारत के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हुआ। फाइनल जीतने के बाद भारतीय क्रिकेट समूची दुनिया में छा गया। इस टूर्नामेंट में भारत ने ग्रुप के अपने सभी 3 मैच जीते थे। भारत को मोहम्मद अजहरुद्दीन और पाकिस्तान को वसीम अकरम जैसे सितारे मिल गए थे। भारत के साथ ग्रुप में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, इंग्लैंड जैसी कड़ी टीमें शामिल थीं। ग्रुप में इंग्लैंड एक भी मैच जीत नहीं पाया। ऑस्ट्रेलिया को एक तथा पाक को दो मैच में जीत हासिल हुई। ग्रुप मैच में भी भारत ने पाक को छह विकेट से हराया। टीम इंडिया की ओर से अजहर ने नाबाद 93 रन बनाए। सुनील गावस्कर ने 54 रन बनाए। इमरान खान ने तीन विकेट लिए। भारत के 184 रनों के जवाब में पाकिस्तान 183 रन पर ऑल आउट हो गया। भारत की ओर से रोजर बिन्नी ने 4 विकेट लिए।
विज्ञापन
इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने 86 रनों से जीत दर्ज की
3 of 5
श्रीकांत
- फोटो : espn cricinfo
इंग्लैंड के खिलाफ भारत ने 86 रनों से जीत दर्ज की। श्रीकांत ने 57 रन बनाए। भारत के 236 रन के जवाब में इंग्लैंड 149 रन पर ऑल आउट हो गया। रवि शास्त्री और लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने 3-3 विकेट लिए। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। श्रीकांत के नाबाद 93 और रवि शास्त्री के 51 रनों की मदद से भारत ने 36 ओवर में 2 विकेट खोकर ऑस्ट्रेलिया के 163 रनों के स्कोर को हासिल कर लिया।
भारत-पाक पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे
4 of 5
टीम इंडिया
- फोटो : espn cricinfo
ग्रुप मैचों के बाद आशा थी कि विश्व कप के फाइनल के बाद भारत और वेस्टइंडीज फिर एक बार आमने-सामने होंगे। भारत ने पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड को हरा दिया। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को हराकर टूर्नामेंट का एक बड़ा उलटफेर कर दिया। सिडनी में भारत ने न्यूजीलैंड के 206 रनों के लक्ष्य को 43 ओवरों में 7 विकेट खोकर हासिल कर लिया। दिलीप वेंगसरकर ने नाबाद 63, कपिल देव ने नाबाद 54 तथा रवि शास्त्री ने 53 रनों की पारी खेली। शास्त्री ने 3 तथा मदन लाल ने 4 विकेट लिए।
भारत-पाक पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचे। मुकाबला रोचक होना था। पाकिस्तान ने पहले खेलते हुए 50 ओवर में 176 रन बनाए। जावेद मियांदाद ने सर्वाधिक 48 रन बनाए। कपिल देव ने 3 विकेट लिए। भारत ने श्रीकांत के 67 रनों की बदौलत महज 2 विकेट खोकर यह लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह पहली बार भारत ने पाकिस्तान को फाइनल में मात दी।
रवि शास्त्री और कृष्णमाचारी श्रीकांत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया
5 of 5
रवि शास्त्री
- फोटो : firstpost hindi
रवि शास्त्री और कृष्णमाचारी श्रीकांत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। फाइनल में श्रीकांत को मैन ऑफ मैच का पुरस्कार दिया गया। टूर्नामेंट का मैन यानी मैन ऑफ द सीरिज का खिताब रवि शास्त्री को दिया गया। जिसे चैंपियन ऑफ चैंपियंसशिप के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्री को ऑडी 100 कार भी मिली। जिसकी उस समय कीमत 35 हजार डॉलर थी।